दिवाली से छठ तक बिहार में हेल्थ अलर्ट, 17 नवंबर तक डॉक्टरों-नर्सों की छुट्टियां रद्द; अस्पतालों में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा

दिवाली से छठ तक बिहार में हेल्थ अलर्ट, 17 नवंबर तक डॉक्टरों-नर्सों की छुट्टियां रद्द; अस्पतालों में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा

प्रेषित समय :19:07:21 PM / Thu, Nov 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

पटना. दीपावली और छठ महापर्व के दौरान लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बिहार सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत 6 से 17 नवंबर तक राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों, पारा-मेडिकल और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है. इस दौरान मेडिकल कॉलेजों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) तक 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी.

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में किसी भी स्वास्थ्यकर्मी को छुट्टी नहीं दी जाएगी. विशेष परिस्थितियों में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति से ही अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा. सभी अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की रोस्टर के अनुसार उपस्थिति अनिवार्य होगी.

छठ घाटों पर बनेंगे मेडिकल कैंप, एंबुलेंस भी रहेंगी तैनात

छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रमुख छठ घाटों पर विशेष मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे. यहां एंबुलेंस, जरूरी दवाएं और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध रहेंगे. मेडिकल कैंपों में डॉक्टरों और पारा-मेडिकल कर्मचारियों की आठों पहर शिफ्ट के अनुसार ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार मिल सके.

अस्पतालों में दवाओं से लेकर ऑक्सीजन तक की व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को जरूरी दवाओं और चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं. इनमें पट्टी, सर्जिकल सामग्री, आईवी फ्लूड और ऑक्सीजन शामिल हैं. इसके अलावा अस्पतालों में वेंटिलेटर, क्रिटिकल केयर बेड और बर्न बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है.

अस्पतालों के इमरजेंसी कक्ष और सूचना पट्ट पर कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर भी प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों की जानकारी मिल सके.

पटाखों और आग से बचाव के लिए विशेष इंतजाम

दीपावली के दौरान आग लगने और पटाखों से जलने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही ऑक्सीजन प्लांट, सिलिंडर भंडार और अस्पताल परिसर के आसपास दीये, मोमबत्ती और पटाखे जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.

सभी जिलों में 24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम

स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए सभी जिलों के सिविल सर्जन कार्यालयों में 24 घंटे नियंत्रण कक्ष संचालित किए जाएंगे. प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा.

राज्य स्तर पर बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति का कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा. इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 104 जारी किया गया है. सभी जिलों को प्रतिदिन स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं से जुड़ी रिपोर्ट राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजनी होगी.

सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य त्योहारों के दौरान किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से तत्काल निपटना और मरीजों को बिना देरी के उपचार उपलब्ध कराना है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-