इंदौर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 7 हजार शिकायतों में 50 करोड़ की चपत; पुलिस ने 7 करोड़ रुपये वापस कराए

इंदौर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 7 हजार शिकायतों में 50 करोड़ की चपत; पुलिस ने 7 करोड़ रुपये वापस कराए

प्रेषित समय :19:21:50 PM / Thu, Nov 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

इंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में साइबर अपराध के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. वर्ष 2026 में जनवरी से अक्टूबर के बीच पुलिस को साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी करीब 7,000 शिकायतें मिली हैं. इन मामलों में लोगों को लगभग 50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बाद करीब 7 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए हैं. एक पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

450 से ज्यादा फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया के मुताबिक, जनवरी से अक्टूबर 2026 के दौरान साइबर अपराधियों द्वारा हैक किए गए 350 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को रिकवर कराया गया है. इसके अलावा, लोगों के नाम और तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर बनाए गए 450 से ज्यादा फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक कराया गया.

उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं. सोशल मीडिया अकाउंट हैक करने से लेकर ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी तक कई तरह के मामले सामने आ रहे हैं.

डिजिटल अरेस्ट से लेकर APK फाइल तक से ठगी

पुलिस अधिकारी के अनुसार, साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. इनमें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर पैसे वसूलना, APK फाइल भेजकर मोबाइल फोन का नियंत्रण हासिल करना और निवेश के नाम पर मोटी कमाई का लालच देना शामिल है.

इसके अलावा गेमिंग और वर्क फ्रॉम होम स्कीम के जरिए भी लोगों से धोखाधड़ी की जा रही है. कई मामलों में साइबर अपराधी मोबाइल में संदिग्ध फाइल इंस्टॉल करवाकर निजी जानकारी और बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां हासिल कर लेते हैं.

AI की मदद से अपनों की आवाज और चेहरे की नकल

साइबर अपराध का एक नया तरीका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल भी है. राजेश दंडोतिया के मुताबिक, अब ठग AI तकनीक की मदद से लोगों के रिश्तेदारों और परिचितों की आवाज या चेहरे की नकल कर रहे हैं.

इस तकनीक के जरिए किसी परिचित की आवाज में फोन या वीडियो कॉल करके पैसे मांगे जा सकते हैं. ऐसे मामलों में लोग परिचित की आवाज सुनकर भरोसा कर लेते हैं और बिना पुष्टि किए रकम ट्रांसफर कर देते हैं.

साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें सावधानी

बढ़ते साइबर अपराध के बीच अनजान लिंक और APK फाइल डाउनलोड करने से बचना जरूरी है. किसी परिचित के नाम से पैसे मांगने वाला संदेश या कॉल आने पर उसके पुराने नंबर पर संपर्क करके पुष्टि करें. डिजिटल अरेस्ट के नाम पर फोन पर डराकर पैसे मांगने वालों पर भरोसा न करें.

अगर ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी जानकारी दें. शुरुआती समय में शिकायत करने से ठगी की रकम रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ सकती है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-