BSF का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के फैसले पर पंजाब में सियासी जंग, CM चन्नी ने जताया विरोध, कैप्टन ने बताया सही

BSF का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के फैसले पर पंजाब में सियासी जंग, CM चन्नी ने जताया विरोध, कैप्टन ने बताया सही

प्रेषित समय :12:21:34 PM / Thu, Oct 14th, 2021

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में तलाशी लेने और गिरफ्तारी करने का अधिकार बीएसफ को दे दिया है. पहले यह दायरा 15 किमी तक ही सीमित था. अब इसे 15 से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किए जाने के बाद पंजाब में सियासी घमासान शुरू हो गया है. सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र से फौरन फैसला वापस लेने की मांग की, तो पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर ने केंद्र के फैसले को सही करार दिया है.

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने गृह मंत्रालय के इस फैसले को पंजाब के साथ धोखा करार दिया. चन्नी ने कहा इस फैसले के बाद आधे से ज्यादा पंजाब बीएसएफ के बहाने केन्द्र सरकार के कंट्रोल में चला जाएगा. पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए ट्वीट किया, मैं अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के साथ 50 किमी के क्षेत्र में बीएसएफ को अतिरिक्त अधिकार देने के भारत सरकार के एकतरफा फैसले की कड़ी निंदा करता हूं, जो संघवाद पर सीधा हमला है. मैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस असंगत निर्णय को तुरंत वापस लेने का आग्रह करता हूं.

लेकिन पूर्व मुखय़मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि बीएसएफ का दायरा बढाने के फैसले की तारीफ की है. उन्होंने कहा ‘‘बीएसएफ की बढ़ी हुई उपस्थिति और शक्तियां ही हमें मजबूत बनाएगी. आइए केंद्रीय सशस्त्र बलों को राजनीति में न घसीटें.’’

बीएसएफ की सीमा बढ़ा जाने को लेकर कांग्रेस के कई नेताओं ने सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के रुख पर टिप्पणी की है, सुनील जाखड़ ने कहा कि क्या ये फैसला पंजाब के सीएम से पूछ कर किया गया है. वहीं पंजाब के प्रभारी मनीष तिवारी ने ट्वीट किया है. मनीष तिवारी ने अपने ट्वीट में कहा-पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में BSF के अधिकार बढ़ाने वाला गृह मंत्रालय का नोटिफिकेशन राज्य की पुलिस के अधिकार का उल्लंघन है, जो उसे संविधान द्वारा दिया गया है. इस फैसले से पंजाब का आधा हिस्सा BSF के अधिकार क्षेत्र में आ जाएगा. क्या ऐसा करने से पहले पंजाब सरकार से सलाह ली गई. मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को इसका विरोध करना चाहिए.

पंजाब में गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा के पास है. उन्होंने भी केंद्र के इस फैसले पर हैरानी जताई. सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पंजाब सरकार इस फैसले का विरोध करती है. अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र का ये फैसला फेडरल स्ट्रक्चर पर हमला है. केंद्र सरकार ने इस फैसले से आधा पंजाब बीएसएफ के हवाले कर दिया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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