पल-पल इंडिया ने बहुत पहले कहा था, जो प्रशांत किशोर के प्रेजेंटेशन में सामने आया है! पीके को भी कांग्रेस की जरूरत है, क्योंकि....

पल-पल इंडिया ने बहुत पहले कहा था, जो प्रशांत किशोर के प्रेजेंटेशन में सामने आया है! पीके को भी कांग्रेस की जरूरत है, क्योंकि....

प्रेषित समय :21:33:00 PM / Mon, Apr 18th, 2022

प्रदीप द्विवेदी. कांग्रेस को एकतरफा मीडिया और क्षेत्रीय दल लगातार कमजोर बता कर कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन सच्चाई यही है कि बीजेपी को केंद्र से हटाने की ताकत इस वक्त केवल और केवल कांग्रेस के पास ही है?

यही वजह है कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर कांग्रेस के करीब आ रहे हैं, यदि कांग्रेस को पीके की जरूरत है, तो अपनी राजनीतिक इच्छाएं पूरी करने के लिए पीके को भी कांग्रेस की उतनी ही जरूरत है, क्योंकि कोई कितना ही अच्छा पायलट हो, हवाई जहाज ही उड़ा सकता है, बस को नहीं उड़ा सकता है? और.... इस समय देश में केवल दो ही सियासी हवाई जहाज हैं- कांग्रेस और बीजेपी!

इस वक्त भले ही कांग्रेस के पास 52 लोकसभा सीटें हैं, लेकिन 2019 के चुनाव में भी दो सौ से ज्यादा ऐसी सीटें थी, जहां कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही थी, मतलब.... यदि जनता का बीजेपी से मोहभंग हुआ, तो कांग्रेस के लिए 250 से ज्यादा सीटों पर जीत की संभावनाएं बनती हैं?

पल-पल इंडिया (22/6/2021) के राजनीतिक विश्लेषण- आखिर कांग्रेस से इतना डर क्यों रही है बीजेपी? में बताया था कि.... देश में कम-से-कम डेढ़ सौ ऐसी सीटें हैं, जो सियासी समीकरण बदलने पर कांग्रेस, बीजेपी से छिन सकती है.

अब यह इसलिए भी संभव है कि रोजगार, महंगाई, कोरोना महामारी नियंत्रण जैसे तमाम मोर्चाे पर मोदी सरकार कामयाब नहीं हो पाई है और अब तो बीजेपी के पास केवल इमोशनल मुद्दे ही बचे हैं!

खबर है कि मिशन 2024 को लेकर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सोनिया गांधी के आवास पर शनिवार को करीब चार घंटे तक प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें पहला सुझाव था- कांग्रेस लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कुल 543 सीटों में से केवल 370 सीटों पर फोकस करे, जिनमें मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, गुजरात आदि राज्यों की ज्यादातर सीटें हैं?
ये सारी वो सीटें हैं, जहां कांग्रेस पिछले चुनावों में बेहतर स्थिति में रही है!

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले पल-पल इंडिया (22/10/2021) के राजनीतिक विश्लेषण- चाहे जो हो नतीजा? कांग्रेस को अकेले लड़ना होगा.... में कहा था कि कांग्रेस किसी से भी गठबंधन करे, कांग्रेस को कुछ खास फायदा नहीं होना है, क्योंकि क्षेत्रीय दलों के समर्थकों को कांग्रेस से सियासी खतरा नजर आता है?

जिसके कारण वोट ट्रांसफर नहीं होते हैं!

खबरों की माने तो प्रशांत किशोर ने अपने प्रेजेंटेशन में कांग्रेस को दूसरा बड़ा सुझाव यह दिया कि- बिहार, यूपी, ओडिशा जैसे राज्यों में कांग्रेस अकेले चुनाव लड़े?

सियासी सयानों का मानना है कि यदि कांग्रेस परफेक्ट पॉलिटिकल मेनेजमेंट के साथ लोकसभा चुनाव लड़ती है, तो केंद्र की सत्ता से बीजेपी की विदाई हो सकती है, क्योंकि बीजेपी के पास करीब आधा दर्जन राज्यों में ही राजनीतिक आधार है और इन राज्यों में से ज्यादातर राज्यों में बीजेपी को कांग्रेस ही टक्कर दे रही है!

आखिर कांग्रेस से इतना डर क्यों रही है बीजेपी?
https://twitter.com/PalpalIndia/status/1407381153489719299
https://www.palpalindia.com/2021/06/22/delhi-BJP-not-threat-from-Third-Front-Congress-real-political-threat-news-in-hindi.html

चाहे जो हो नतीजा? कांग्रेस को अकेले लड़ना होगा....
https://twitter.com/PalpalIndia/status/1451584844626948102
https://palpalindia.com/2021/10/22/UP-Assembly-Elections-Priyanka-Gandhi-Akhilesh-Yadav-Congress-SP-Alliance-Political-Discussions-on-Twitter-news-in-hindi.html

बीसवीं सदी के सियासी तौर-तरीकों से चुनाव कैसे जीतेगी कांग्रेस? राजस्थान मॉडल ही जीत दिला सकता है!
https://twitter.com/PalpalIndia/status/1515149336132612096
https://palpalindia.com/2022/04/16/rajasthan-congress-political-modus-operandi-election-campaign-presentation-news-in-hindi.html

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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