जबलपुर पंचांग, चौघड़िया- सोमवार, 23 जनवरी 2023

जबलपुर पंचांग, चौघड़िया- सोमवार, 23 जनवरी 2023

प्रेषित समय :20:20:01 PM / Sun, Jan 22nd, 2023

* जबलपुर पंचांग- सोमवार, 23 जनवरी 2023, भूमि, ऋण मुक्ति और पदोन्नति चाहिए तो देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना करें!
* माघ नवरात्रि, चन्द्र दर्शन, पञ्चक, रवि योग
* जबलपुर चन्द्र दर्शन- 17:51 से 19:32
तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्.
ब्रह्मरूपधरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥
शङ्करप्रिया त्वंहि भुक्ति-मुक्ति दायिनी.
शान्तिदा ज्ञानदा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥

* देवी त्रिपुरा के नौ रूप हैं, जिनकी नवरात्रि में आराधना की जाती है.
* देवी का द्वितीय स्वरूप- देवी ब्रह्मचारिणी हैं, जिनकी हर शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर पूजा-अर्चना की जाती है.  
* क्योंकि, देवी ब्रह्मचारिणी ने शिवजी के लिए केवल फल-फूल-पत्ते खाकर घोर तपस्या की थी, इसलिए जो श्रद्धालु तपस्या में मनोबल बनाए रखना चाहते हैं, वे देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना करें.
* देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना से मंगल ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है, इसलिए जिनकी कुंडली में मंगल दोष है, जिनकी राशि मेष या वृश्चिक है, उन्हें देवी की आराधना से संपूर्ण सुख की प्राप्ति होती है.
* भूमि प्राप्ति, ऋण मुक्ति, रक्त रोग मुक्ति और पदोन्नति के लिए देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना करें.
* जिन श्रद्धालुओं के रक्त संबंधियों से मतभेद हों वे संकल्प लेकर देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना करें, विवाद से राहत मिलेगी.
* देवी ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएं हाथ में कमंडल रहता है.
* इस अवसर पर ऐसी कन्याओं का पूजन किया जाता है जिनकी सगाई हो गई है, लेकिन शुभ-विवाह नहीं हुआ है.
* मनोकामना पूर्ण करने के लिए संकल्प लेकर हर शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को व्रत करें और देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना करें.
जबलपुर पंचांग- सोमवार, 23 जनवरी 2023, माघ नवरात्रि, चन्द्र दर्शन, पञ्चक, रवि योग
* शक सम्वत 1944, विक्रम सम्वत 2079, मास पूर्णिमांत माघ, मास अमांत माघ, ऋतुशिशिर
* तिथि द्वितीया- 18:46:25 तक, नक्षत्र धनिष्ठा- 24:27:33 तक, करण बालव- 08:36:15 तक, कौलव- 18:46:25 तक, पक्ष शुक्ल, योग व्यतीपात- 25:27:10 तक, वार सोमवार
* सूर्योदय 06:53:03, सूर्यास्त 17:51:12
* चन्द्र राशि मकर 13:52:14 तक, चन्द्रोदय  08:15:00, चन्द्रास्त 19:36:00
* जबलपुर शुभ मुहूर्त अभिजीत 12:00:11 से 12:44:04 तक
* जबलपुर राहुकाल 08:15:19 से 09:37:35 तक
* दिशाशूल  पूर्व
* ताराबल-  भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम 13:51 तक....
* मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
* मिथुन राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र
जबलपुर सोमवार का चौघडिय़ा-
* दिन का चौघड़िया
अमृत - 06:53 से 08:15
काल - 08:15 से 09:38
शुभ - 09:38 से 11:00
रोग - 11:00 से 12:22
उद्वेग - 12:22 से 13:44
चर - 13:44 से 15:07
लाभ - 15:07 से 16:29
अमृत - 16:29 से 17:51
* रात्रि का चौघड़िया
चर - 17:51 से 19:29
रोग - 19:29 से 21:07
काल - 21:07 से 22:44
लाभ - 22:44 से 00:22
उद्वेग - 00:22 से 02:00
शुभ - 02:00 से 03:37
अमृत - 03:37 से 05:15
चर - 05:15 से 06:53
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!   
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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