-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* माघ घटस्थापना - बृहस्पतिवार, 30 जनवरी 2025
* घटस्थापना मुहूर्त - 09:36 से 10:55
* घटस्थापना अभिजित मुहूर्त - 12:24 से 13:08
प्रथम दुर्गा त्वंहि भवसागरः तारणीम्.
धन ऐश्वर्य दायिनी शैलपुत्री प्रणमाम्यहम्॥
त्रिलोजननी त्वंहि परमानन्द प्रदीयमान्.
सौभाग्यरोग्य दायिनी शैलपुत्री प्रणमाम्यहम्॥
चराचरेश्वरी त्वंहि महामोह विनाशिनीं.
मुक्ति भुक्ति दायिनीं शैलपुत्री प्रणमाम्यहम्॥
* देवी दुर्गा के नौ रूप हैं, जिनकी नवरात्रि में पूजा-अर्चना की जाती है.
* प्रथम स्वरूप- देवी शैलपुत्री हैं, जिनकी नवरात्रि के पहले दिन पूजा-अर्चना की जाती है.
* पर्वतराज हिमालय पुत्री स्वरूप होने के कारण इन्हें माता शैलपुत्री पुकारा जाता है.
* वृषभ-स्थिता माता शैलपुत्री के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल-पुष्प सुशोभित है.
* देवी को प्रिय चमेली का फूल अर्पित करें, देवी जीवन के अंधकार को दूर कर जीवन में सफलता के लिए प्रकाश प्रदान करेंगी.
* मन के कारक चन्द्रदेव की प्रसन्नता और मानसिक शांति के लिए नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना करें.
* वैसे तो नवरात्रि के व्रत-पूजन से जीवन में सुख-समृद्धि-सफलता आती है लेकिन कर्क राशि के जो श्रद्धालु यदि सभी दिन व्रत नहीं कर सकें तो उन्हें नवरात्रि के पहले दिन का व्रत रख कर जीवन में सुख-समृद्धि-सफलता के लिए देवी शैलपुत्री की आराधना करनी चाहिए.
* नवरात्रि पर पूजा-अर्चना-घटस्थापना अपने क्षेत्र के धर्मगुरु के निर्देशानुसार करें.
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