एमपी में अभी शुरु नहीं हो पाएगे परिवहन चेक पोस्ट, हाईकोर्ट ने लगाया स्टे, पिछले माह दिया था खोलने का आदेश

एमपी में अभी शुरु नहीं हो पाएगे परिवहन चेक पोस्ट, हाईकोर्ट ने लगाया स्टे, पिछले माह दिया था खोलने का आदेश

प्रेषित समय :19:37:38 PM / Mon, May 11th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर


 
जबलपुर। एमपी हाईकोर्ट ने आज प्रदेशभर में बंद पड़े परिवहन (आरटीओ) चेक पोस्टों को दोबारा शुरू करने के अपने पूर्व आदेश पर स्टे लगा दिया है। इससे परिवहन क्षेत्र में हलचल मच गई है और ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को राहत मिली है।
                                     हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच ने 16 अप्रैल 2026 को एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए थे कि सभी बंद चेक पोस्ट 30 दिनों के अंदर दोबारा चालू किए जाएं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने यह आदेश जनहित याचिका और ओवरलोडिंग नियंत्रण से जुड़े मुद्दे पर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि चेक पोस्ट बंद करने का 30 जून 2024 का सरकारी आदेश कोर्ट की पूर्व अंडरटेकिंग और 2018 के स्टे ऑर्डर का उल्लंघन है। चेक पोस्ट सड़क सुरक्षा, ओवरलोडिंग रोकथाम और परिवहन नियमों के पालन के लिए जरूरी हैं। आज हाईकोर्ट ने उसी आदेश पर स्टे दे दिया। इससे चेक पोस्ट दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रुक गई है। यह फैसला संभवत: सरकार की अपील या संबंधित पक्षों की याचिका पर आया है। भोपाल के ट्रांसपोर्टर अमन भोंसले ने हाईकोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए स्टे ऑर्डर जारी किया गया है।
जुलाई 2024 से बंद हुए थे चेक पोस्ट-
1 जुलाई 2024 से प्रदेश के अंतरराज्यीय चेक पोस्ट बंद कर दिए गए थे। सरकार का तर्क था कि इससे परिवहन क्षेत्र को सुविधा मिलेगी और अनावश्यक चेकिंग से बचत होगी। परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने अप्रैल के अंत में कहा था कि सरकार हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देगी और लीगल ओपिनियन ले रही है।
सरकार भी चेक पोस्ट खोलने के खिलाफ अपील करेगी-
इधर परिवहन चेक पोस्ट फिर से शुरू करने के एमपी हाईकोर्ट के 22 अप्रैल के आदेश के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार आज हाईकोर्ट में अपील करेगी। इस मामले में परिवहन विभाग को विधि विभाग से अनुमति मिलने के बाद उप महाधिवक्ता श्रेयस राज सक्सेना को अपील के लिए महाधिवक्ता ने नियुक्त किया है। सरकार का तर्क है कि वह इस मामले में ट्रांसपोर्टर्स के साथ है। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवहन चेक पोस्ट की लगातार शिकायतें मिलने के बाद जुलाई 2024 में इन्हें बंद करा दिया था। अब सरकार इन चेक पोस्ट को शुरू करने के पक्ष में बिल्कुल नहीं है। 
हाईकोर्ट ने वाहन मालिक और चालक की आवाज सुनी-
हाईकोर्ट से स्टे मिलने पर आरटीओ ट्रेफिक कमेटी ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट के चेयरमैन सीएल मुकाती ने कहा- मप्र उच्च न्यायालय ने हमारे देश और प्रदेश के वाहन चालकों और वाहन मालिकों की आवाज को सुना। 16 अप्रैल 2026 के परिवहन चेक पोस्ट चालू करने के आदेश पर पुनर्विचार कर हमारी बातों को सुनकर स्टे प्रदान किया है।
सरकार भी इस पक्ष में नहीं-
अभी रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई के दौरान डिप्टी एडवोकेट जनरल स्वप्निल गांगुली ने भी कोर्ट को यह बताया कि सरकार भी इस पक्ष में नहीं है कि परिवहन चेक पोस्ट फिर से शुरु किए जाएं। सरकार खुद पिछले आदेश को लेकर आज अपील करने जा रही है। फिर जस्टिस विशाल मिश्रा ने अपने ही 16 अप्रैल के उस आदेश को स्टे कर दिया। जिसमें उन्होंने 30 दिनों के भीतर परिवहन चेक पोस्ट फिर शुरु करने का आदेश दिया था।
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-