बरगी डैम क्रूज त्रासदी में लापरवाही की परतें उजागर, मौसम अलर्ट के बावजूद यात्रियों की जान जोखिम में डाली

बरगी डैम क्रूज त्रासदी में लापरवाही की परतें उजागर, मौसम अलर्ट के बावजूद यात्रियों की जान जोखिम में डाली

प्रेषित समय :20:42:48 PM / Mon, Jun 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. बरगी डैम में 30 अप्रैल 2026 को हुए भीषण क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के दौरान सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी से जुड़ी गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं. हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता वाले न्यायिक जांच आयोग के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों और हलफनामों ने क्रूज संचालन व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रारंभिक जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और संचालक की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं.

आयोग के समक्ष याचिकाकर्ता अखिलेश त्रिपाठी ने अपने अधिवक्ता पंकज दुबे के माध्यम से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं. इन दस्तावेजों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त क्रूज के पास यात्रियों के लिए कोई वैध बीमा कवरेज उपलब्ध नहीं था. आरोप लगाया गया है कि क्रूज संचालक द्वारा मैकल रिसॉर्ट की पुरानी बीमा पॉलिसी को आधार बनाकर प्रशासन के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिससे वास्तविक स्थिति छिपाई गई. यदि जांच में यह आरोप प्रमाणित होता है, तो इसे यात्रियों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा.

जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त क्रूज की फिटनेस और तकनीकी जांच को लेकर भी कई अनियमितताएं थीं. उपलब्ध दस्तावेजों में क्रूज के नियमित निरीक्षण और संचालन संबंधी आवश्यक अनुमतियों को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है. इससे यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए क्रूज का संचालन किया जा रहा था.

सबसे गंभीर पहलू यह है कि हादसे वाले दिन मौसम विभाग की ओर से तेज आंधी और खराब मौसम का अलर्ट जारी किया गया था. इसके बावजूद क्रूज को पानी में उतारने की अनुमति दी गई. याचिकाकर्ता पक्ष का दावा है कि मौसम संबंधी चेतावनियों की अनदेखी करते हुए यात्रियों को क्रूज में सवार कराया गया, जिससे दुर्घटना का जोखिम कई गुना बढ़ गया. जांच आयोग इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि मौसम अलर्ट की जानकारी संबंधित अधिकारियों और संचालकों तक पहुंची थी या नहीं तथा इसके बावजूद संचालन जारी रखने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया.

न्यायिक जांच आयोग के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं. यह जांच की जा रही है कि क्रूज संचालन के लिए जारी अनुमतियों, सुरक्षा प्रमाणपत्रों और बीमा दस्तावेजों का सत्यापन किस प्रकार किया गया था. यदि जांच में लापरवाही सिद्ध होती है, तो संबंधित अधिकारियों और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

बरगी डैम क्रूज हादसे की न्यायिक जांच अभी जारी है. आयोग विभिन्न पक्षों से दस्तावेज और बयान एकत्र कर रहा है. हादसे से जुड़े नए खुलासों ने पीड़ित परिवारों की चिंता बढ़ा दी है और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो गई है. अब सभी की निगाहें आयोग की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-