जबलपुर : बरगी क्षेत्र में रास्ते में कीचड़, एम्बुलेंस फंसी तो हाथ ठेले पर ले जाना पड़ा बच्ची का शव

जबलपुर : बरगी क्षेत्र में रास्ते में कीचड़, एम्बुलेंस फंसी तो हाथ ठेले पर ले जाना पड़ा बच्ची का शव

प्रेषित समय :13:08:38 PM / Fri, Jul 31st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर जिले के बरगी क्षेत्र स्थित ग्राम मोठार में विकास के दावों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर 500 की आबादी वाले इस गांव के निवासी रामस्वरूप मरावी की 11 वर्षीय बेटी माया मरावी की इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज जबलपुर में मौत हो गई. 

गुरुवार को परिजन जब निजी वाहन से शव लेकर गांव लौट रहे थे, तब गांव से पहले सड़क पर कीचड़ और दलदल होने के कारण गाड़ी रास्ते में बुरी तरह फंस गई. काफी कोशिशों के बाद भी वाहन आगे नहीं बढ़ पाया, जिसके बाद बरगी नगर से हाथ ठेला मंगवाकर मासूम के शव को गांव तक ले जाया गया. शुक्रवार को इस घटना की तस्वीर सामने आने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत ने तहसीलदार और जनपद सीईओ से जांच रिपोर्ट मांगी है.

सालों से अब तक कच्चा ही रास्ता

मोठार गांव के स्थानीय निवासियों ने व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि इस बस्ती की स्थापना के समय से लेकर आज तक यहां पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है. स्थानीय लोग सालों से कच्चे और बदहाल रास्ते से आवाजाही करने को मजबूर हैं. खासकर बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह दलदल में बदल जाती है, जिससे इस पर पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं रहता. दलदली राह में आए दिन लोग गिरकर चोटिल होते रहते हैं. पक्की सड़क के अभाव में गांव के लोग बुनियादी सुविधाओं से लगातार वंचित बने हुए हैं.

स्वास्थ्य की आपात स्थिति में भारी परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि खराब रास्ता अब उनके जीवन और सम्मान से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है. बरसात के समय गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती साबित होता है. स्थिति यह है कि कई बार कॉल करने के बाद भी 108 एम्बुलेंस चालक गांव तक आने से साफ मना कर देते हैं. मरीजों के परिजनों को मजबूरन उन्हें मुख्य सड़क तक पैदल या खाट पर उठाकर ले जाना पड़ता है. एम्बुलेंस अक्सर मुख्य मार्ग पर ही रोक दी जाती है या बिना मरीज लिए ही वापस लौट जाती है.

उग्र आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को मांग पत्र सौंपे, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. मासूम बच्ची के शव को हाथ ठेले पर ढोने की घटना के बाद ग्रामीणों का सब्र टूट चुका है. आक्रोशित गांव वालों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पक्की सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे. ग्रामीण अब गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक उग्र जनआंदोलन करने की योजना बना रहे हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-