बोगोटा. पश्चिमी कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. इस विनाशकारी प्राकृतिक आपदा में अब तक 132 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 570 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. हालात की गंभीरता और मची चीख-पुकार को देखते हुए कोलंबियाई सरकार ने देश में राष्ट्रीय आपदा की स्थिति घोषित कर दी है. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य जारी हैं.
कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने जानकारी देते हुए बताया कि इस भीषण झटके के कारण 1,575 घरों को भारी नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा छह प्रमुख हवाई अड्डों का बुनियादी ढांचा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके चलते वहां वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन फिलहाल पूरी तरह से रोक दिया गया है. कोलंबियन जियोलॉजिकल सर्विस के अनुसार, यह भयानक भूकंप सुबह 7:34 बजे आया था, जिसका केंद्र चोको डिपार्टमेंट के सैन होस डेल पाल्मार के पास 96 किलोमीटर की गहराई में स्थित था. सरकार प्रभावित इलाकों के स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है ताकि नुकसान का सटीक आकलन किया जा सके और सबसे जरूरी राहत सामग्री तुरंत पहुंचाई जा सके.
दुनिया भर के नेताओं ने बढ़ाया मदद का हाथ
कोलंबिया पर आई इस भारी विपत्ति के समय पूरा विश्व उसके साथ खड़ा नजर आ रहा है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में कोलंबिया फ्रांस की दोस्ती और समर्थन पर पूरा भरोसा कर सकता है. वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी दुनिया भर के लोगों से मदद के लिए आगे आने की अपील करते हुए अपनी एकजुटता दिखाई है. इसके अलावा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी इस विनाशकारी भूकंप पर दुख जताते हुए कहा कि इटली इस मुश्किल घड़ी में कोलंबिया के लोगों, प्रभावित परिवारों और बचाव कार्यों में जुटे सभी कर्मियों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है.
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