जबलपुर में डुमना विमानतल पर टपक रहा पानी, मेन गेट किया बंद, दो साल पहले 450 करोड़ में बनी टर्मिनल बिल्डिंग

जबलपुर में डुमना विमानतल पर टपक रहा पानी, मेन गेट किया बंद, दो साल पहले 450 करोड़ में बनी टर्मिनल बिल्डिंग

प्रेषित समय :14:52:10 PM / Mon, Aug 31st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर। एमपी के जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग से पानी टपक रहा है, जिसके चलते गेट के पास का रास्ता गीता व फिसलन भरा हो गया है। जिसके चलते प्रबंधन को मेन गेट बंद करना पड़ा है, दूसरे गेट से आवाजाही कराई जा रही है। गौरतलब है कि करीब दो साल पहले ही एयरपोर्ट की 450 करोड़ रुपए की लागत से टर्मिनल बिल्डिंग बनी थी। 
                              डुमना एयरपोर्ट की बिल्डिंग की छत से पानी टपकने के कारण यात्रियों को फिसलन से बचाने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने मुख्य गेट पर 'फर्श गीला है, संभलकर चलेंÓ की चेतावनी वाला बोर्ड लगाया। बारिश के दौरान यात्रियों को टर्मिनल में आने-जाने में परेशानी हुई। प्रबंधन का कहना है कि बारिश के कारण कैनोपी में पानी भर गया था। कैनोपी की रिपेयरिंग चल रही है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए गेट नम्बर वन बंद कर गेट नम्बर टू से  आवाजाही कराई जा रही है। नई टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण और एयरपोर्ट की मौजूदा व्यवस्थाओं पर वायु सेवा संघर्ष समिति ने सवाल उठाए हैं। समिति अध्यक्ष हिमांशु खरे ने एयरपोर्ट के निर्माण और वर्तमान व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच और ऑडिट की मांग की है। हिमांशु खरे का कहना है कि किसी भी शहर के लिए एयरपोर्ट उसकी पहली छवि बनाता है। ऐसे में करीब 450 करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद यात्रियों को प्रवेश करते ही गीले फर्श और टपकते पानी का सामना करना पडऩा गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने एयरपोर्ट की सुविधाओं और रैंकिंग पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, हालिया कस्टमर सेटिस्फेक्शन इंडेक्स में जबलपुर एयरपोर्ट को देशभर में 22वां स्थान मिला है। डुमना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन, एटीसी टावर और फायर स्टेशन समेत आधुनिकीकरण का काम दिल्ली की मेसर्स एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दिया गया था। परियोजना के तहत करीब 1.15 लाख वर्गफुट क्षेत्र में टर्मिनल भवन बनाया गया। इसमें तीन एयरोब्रिज, आधुनिक बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम, फूड कोर्ट और 250 से अधिक कारों एवं बसों की पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। 
2024 की घटना की जांच और कार्रवाई मुख्यालय स्तर पर-
एयरपोर्ट प्रभारी डायरेक्टर नीरज कुमार के मुताबिक, जून 2024 में फैब्रिक कैनोपी गिरने की घटना की जांच चल रही है। एनकेजी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई भी मुख्यालय स्तर पर चल रही है। वर्तमान में कैनोपी की रिपेयरिंग दूसरी कंपनी को दी गई है। इसी कैनोपी में बारिश के दौरान पानी भरने और टपकने की समस्या सामने आई है। 
दो साल पहले भी गिर चुकी है फैब्रिक कैनोपी-
डुमना एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग की निर्माण गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। 27 जून 2024 को भारी बारिश के दौरान ड्रॉप एंड गो एरिया की फैब्रिक कैनोपी का एक हिस्सा गिर गया था। कैनोपी का हिस्सा वहां खड़ी आयकर विभाग के एक अधिकारी को लेने आई कार पर गिरा था, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। हादसे से कुछ मिनट पहले ही अधिकारी और ड्राइवर कार से उतरकर टर्मिनल के अंदर चले गए थे। इससे वे हादसे की चपेट में आने से बच गए और बड़ा हादसा टल गया।
एयरपोर्ट के विस्तार के बाद भी सात फ्लाइट-
डुमना एयरपोर्ट के विस्तार के बाद यहां से उड़ानों की संख्या बढऩे का दावा किया गया था। हालांकि, फिलहाल एयरपोर्ट से सात फ्लाइट संचालित हो रही हैं। इनमें इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु की उड़ानें शामिल हैं। बिलासपुर और जगदलपुर की फ्लाइट फिलहाल बंद हो चुकी हैं।
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-