नई दिल्ली. त्यौहारी सीजन से ठीक पहले देश के करोड़ों व्यापारियों और आम जनता के लिए राहत की बड़ी खबर आई है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार को एलान किया कि चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को फिलहाल टाल दिया गया है. अब यह नियम दिवाली के तुरंत बाद लागू होगा, जिसकी नई तारीख की घोषणा अलग से की जाएगी.
किन ट्रांजैक्शंस पर लगेगा MDR चार्ज?
₹2,000 से अधिक के मर्चेंट पेमेंट: यदि आप किसी दुकानदार या मर्चेंट को ₹2,000 से ज्यादा का भुगतान करते हैं, तो उस पर 0.4% का MDR चार्ज लगेगा. सरकार ने साफ किया है कि इस चार्ज को बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और यूपीआई ऐप्स के बीच आपस में बांटा जाएगा.
जरूरी सेवाओं के लिए फ्लैट रेट: रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, पेट्रोल-डीजल और कृषि से जुड़ेक्टर्स में ₹2,000 से ऊपर के लेन-देन पर कोई प्रतिशत नहीं, बल्कि प्रति ट्रांजैक्शन ₹5 का फ्लैट चार्ज लगेगा.
कैपिटल मार्केट ट्रांजैक्शन: म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज और शेयर ब्रोकर्स को किए जाने वाले पेमेंट्स पर 0.02% का MDR लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तय की गई है.
P2P ट्रांसफर बिल्कुल फ्री: यदि आप अपने किसी दोस्त, रिश्तेदार या किसी भी व्यक्ति के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करते हैं, तो वह पूरी तरह मुफ्त रहेगा.
₹2,000 तक की मर्चेंट शॉपिंग: किसी भी दुकान या मॉल में ₹2,000 तक की खरीदारी करने पर कोई MDR चार्ज नहीं लिया जाएगा.
छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत: छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए राहत की बात यह है कि पर्सन-टू-पर्सन-मर्चेंट (P2PM) कैटेगरी के तहत यूपीआई क्यूआर कोड (UPI QR Code) से हर महीने ₹1 लाख तक की पेमेंट लेने पर कोई MDR चार्ज नहीं देना होगा.
सरकार और NPCI के इस फैसले का सीधा मकसद त्यौहारी सीजन में व्यापार को प्रभावित होने से बचाना और बाजार में नकदी के प्रवाह को बनाए रखना है. आम उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई पहले की तरह ही मुफ्त और आसान बना रहेगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-


