फीचर डेस्क.सुबह के नाश्ते में पराठे का नाम सुनते ही स्वादिष्ट और भरपेट खाने की तस्वीर सामने आ जाती है. लेकिन अगर पारंपरिक पराठे में स्वाद के साथ पोषण भी जोड़ना हो, तो मशहूर शेफ संजीव कपूर की सिंघाड़ा-लौकी पराठा रेसिपी एक अच्छा विकल्प बन सकती है. सिंघाड़े के आटे, लौकी, गाजर, हरी मिर्च और ताजा धनिया से तैयार यह पराठा रोजमर्रा के नाश्ते को नया स्वाद देने के साथ सब्जियों को भोजन में शामिल करने का आसान तरीका भी है.
शेफ संजीव कपूर ने 19 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर इस रेसिपी का वीडियो साझा किया. इसमें सिंघाड़े के आटे और लौकी के मेल से तैयार नरम, स्वादिष्ट पराठे को एक पौष्टिक विकल्प के रूप में पेश किया गया है. इसे दही के साथ परोसा जा सकता है. सिंघाड़े का आटा स्वाभाविक रूप से ग्लूटेन-फ्री होता है, इसलिए गेहूं से परहेज करने वाले लोगों के लिए भी यह उपयोगी विकल्प हो सकता है. हालांकि, इसे तैयार करते समय सामग्री और रसोई में इस्तेमाल होने वाले दूसरे उत्पादों में ग्लूटेन की संभावित मिलावट का ध्यान रखना जरूरी है.
पारंपरिक पराठे में पोषण का नया प्रयोग
आमतौर पर पराठे गेहूं के आटे से बनाए जाते हैं. इस रेसिपी में सिंघाड़े के आटे का इस्तेमाल किया गया है, जबकि लौकी और गाजर इसमें सब्जियों का पोषण जोड़ती हैं. लौकी में पानी की मात्रा अधिक होती है और यह हल्की सब्जी मानी जाती है. गाजर से फाइबर और बीटा-कैरोटीन मिलता है, जिसे शरीर विटामिन ए में बदल सकता है.
जीरे, अदरक, हरी मिर्च और धनिया का इस्तेमाल पराठे का स्वाद और खुशबू बढ़ाता है. सेंधा नमक के साथ इसे व्रत के भोजन में भी शामिल किया जा सकता है, बशर्ते इस्तेमाल की गई सभी सामग्री संबंधित व्रत के नियमों के अनुकूल हों.
ध्यान देने वाली बात यह है कि सिंघाड़े का आटा कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है. इसलिए केवल इसे इस्तेमाल करने से पराठा अपने आप कम कैलोरी वाला नहीं हो जाता. इसकी पौष्टिकता पर आटे की मात्रा, घी और साथ में परोसी जाने वाली चीजों का भी असर पड़ता है.
सिंघाड़ा-लौकी पराठा बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए
रेसिपी तैयार करने से पहले सभी सामग्री एक जगह रख लें. इससे आटा गूंथने और पराठे सेंकने में आसानी होगी.
सामग्री की सूची
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सिंघाड़े का आटा: डेढ़ कप
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लौकी: 150 ग्राम, छीलकर कद्दूकस की हुई
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गाजर: 1 मध्यम आकार की, छीलकर कद्दूकस की हुई
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जीरा: आधा छोटा चम्मच
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लाल मिर्च पाउडर: आधा छोटा चम्मच
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अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट: डेढ़ छोटा चम्मच
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ताजा हरा धनिया: 2 से 3 बड़े चम्मच, बारीक कटा हुआ
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सेंधा नमक: स्वादानुसार
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पानी: लगभग तीन-चौथाई कप या जरूरत के अनुसार
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घी: पराठा सेंकने और केले के पत्ते पर लगाने के लिए
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दही: पराठे के साथ परोसने के लिए
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केले का पत्ता: आटे को फैलाने के लिए, यदि उपलब्ध हो
स्टेप-बाय-स्टेप जानिए बनाने का तरीका
स्टेप 1 सब्जियों और मसालों को मिलाएं
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में कद्दूकस की हुई लौकी और गाजर डालें. इसमें जीरा, लाल मिर्च पाउडर, अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट, बारीक कटा धनिया और सेंधा नमक मिलाएं. सभी चीजों को अच्छी तरह चलाएं, ताकि मसाले सब्जियों में समान रूप से मिल जाएं.
स्टेप 2 सिंघाड़े का आटा डालकर तैयार करें मिश्रण
अब सब्जियों और मसालों वाले मिश्रण में सिंघाड़े का आटा डालें. इसे अच्छी तरह मिलाएं, ताकि आटा लौकी और गाजर के साथ एकसार हो जाए. इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए मिश्रण को गूंथें.
सिंघाड़े का आटा गेहूं के आटे से अलग तरह का व्यवहार करता है. इसमें ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए इससे बना आटा सामान्य गेहूं के आटे जितना लचीला नहीं होता. पानी एक साथ डालने के बजाय धीरे-धीरे डालना बेहतर रहेगा. जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा कम या ज्यादा की जा सकती है.
स्टेप 3 केले के पत्ते पर फैलाएं पराठा
केले के पत्ते का एक टुकड़ा लें और उस पर हल्का घी लगा दें. तैयार आटे का एक हिस्सा लेकर पत्ते पर रखें. अब हाथों की मदद से इसे धीरे-धीरे गोल आकार में फैलाएं.
पराठे की मोटाई लगभग एक जैसी रखें, ताकि वह हर तरफ से ठीक से पक सके. आटा चिपक रहा हो, तो हाथों पर थोड़ा घी लगाकर उसे फैलाया जा सकता है. केले का पत्ता उपलब्ध न हो, तो साफ और हल्के चिकने किए गए उपयुक्त आधार का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे पराठे को तवे पर सावधानी से पहुंचाया जा सके.
स्टेप 4 गर्म तवे पर पराठा पकाएं
मध्यम आंच पर तवा गर्म करें. तैयार पराठे को सावधानी से तवे पर डालें. यदि केले के पत्ते का इस्तेमाल किया है, तो उसे ऊपर की तरफ रखें.
पराठे को करीब 3 से 4 मिनट तक पकाएं. जब नीचे की सतह हल्की सुनहरी होने लगे और पराठा कुछ सख्त हो जाए, तब उसे पलटने की तैयारी करें. आंच बहुत तेज रखने से पराठा बाहर से जल्दी रंग पकड़ सकता है, जबकि अंदर से कच्चा रह सकता है.
स्टेप 5 दूसरी तरफ से सेंककर लगाएं घी
अब पराठे को सावधानी से पलटें और दूसरी तरफ लगभग 2 से 3 मिनट तक पकाएं. केले के पत्ते का इस्तेमाल किया गया हो, तो जरूरत के अनुसार उसे हटा दें. इसके बाद पराठे पर थोड़ा घी लगाएं.
आंच को हल्का बढ़ाकर दोनों तरफ करीब 30-30 सेकंड तक सेंकें, ताकि पराठा अच्छी तरह पक जाए और उसकी सतह सुनहरी दिखने लगे. समय पराठे की मोटाई और तवे की गर्मी के अनुसार थोड़ा बदल सकता है.
स्टेप 6 गर्मागर्म परोसें
इसी तरह बाकी आटे से भी पराठे तैयार करें. इन्हें तवे से उतारकर गर्मागर्म परोसें. साथ में ताजा दही रखा जा सकता है. दही से भोजन में प्रोटीन और कैल्शियम भी जुड़ते हैं.
सेहत के लिहाज से क्यों खास है यह रेसिपी
इस पराठे में तीन प्रमुख चीजें हैं—सिंघाड़े का आटा, लौकी और गाजर. सिंघाड़े का आटा गेहूं से बचने वालों के लिए एक ग्लूटेन-फ्री विकल्प है. लौकी पानी और कुछ मात्रा में फाइबर उपलब्ध कराती है, जबकि गाजर बीटा-कैरोटीन का स्रोत है. धनिया और मसाले स्वाद बढ़ाते हैं, जिससे भोजन में अलग-अलग सामग्रियों का मेल मिलता है.
हालांकि, इसे संतुलित नाश्ता बनाने के लिए पराठे के आकार और घी की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए. जरूरत के मुताबिक दही के साथ परोसना भी बेहतर हो सकता है. किसी व्यक्ति को खाद्य एलर्जी, विशेष आहार संबंधी जरूरत या चिकित्सकीय कारण से भोजन में बदलाव करना हो, तो उसे अपनी जरूरत के अनुसार सामग्री चुननी चाहिए.
व्रत से लेकर रोजाना नाश्ते तक बन सकता है विकल्प
सिंघाड़ा-लौकी पराठा त्योहारों और व्रत के मेन्यू में विविधता लाने का विकल्प हो सकता है. इसमें सेंधा नमक का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन व्रत में भोजन की स्वीकार्यता अलग-अलग परिवारों और परंपराओं के अनुसार बदलती है. इसलिए बनाने से पहले सामग्री की जांच करना जरूरी है.
रोजमर्रा के नाश्ते में भी इसे शामिल किया जा सकता है. सब्जियों का इस्तेमाल और सिंघाड़े के आटे का अलग स्वाद इसे सामान्य पराठे से अलग बनाता है. शेफ संजीव कपूर की यह रेसिपी उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो परिचित भारतीय नाश्ते में कुछ नया आजमाना चाहते हैं.
अगर आप नाश्ते में पराठे का स्वाद बरकरार रखते हुए सब्जियों और अलग तरह के आटे का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो सिंघाड़ा-लौकी पराठा आजमाया जा सकता है. सही मात्रा में घी, संतुलित भोजन और दही के साथ यह आपके नाश्ते में स्वाद के साथ विविधता भी जोड़ सकता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-


