एमपी: अनूपपुर में 15 हजार हेक्टेयर सिंचाई व्यवस्था में 2 मध्यम और 8 लघु सिंचाई योजना प्रस्तावित

एमपी: अनूपपुर में 15 हजार हेक्टेयर सिंचाई व्यवस्था में 2 मध्यम और 8 लघु सिंचाई योजना प्रस्तावित

प्रेषित समय :09:26:22 AM / Mon, Feb 21st, 2022

अनूपपुर. जिले में जलसंसाधन विभाग द्वारा सिंचाई योजनाओं को अधिक से अधिक विस्तारित रूप देने योजनाएं तैयार की जा रही है. जहां पूर्व में 12 लघु योजनाओं का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है, वहीं अब दो मध्यम और 8 लघु सिंचाई योजनाओं पर कार्य के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है. जिसमें दोनों मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में सर्वेक्षण प्राक्कलन स्वीकृति के लिए अधीक्षक यंत्री जल संसाधन मंडल शहडोल को पत्र भेजा भी गया है. जबकि लघु सिंचाई योजनाओं में सभी 8 लघु सिंचाई योजनाओं के लिए कार्यपालन यंत्री द्वारा साध्यता ऑनलाइन की जा चुकी है. जिसमें अब भी शासन द्वारा अनुमति नहीं मिल पाई है.

विभागीय अधिकारियों का मानना है कि जलाशयों के निर्माण कार्य में गति लाई जा रही है. अगर ये जलाशय बनकर तैयार होते हैं इससे कई हजार किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सकेगा. वहीं जिले में सिंचाई की व्यवस्था में भी अधिक से अधिक विस्तारित स्वरूप प्रदान करते हुए जल संरक्षण के साथ सिंचाई का लाभ उपलब्ध कराया जा सकेगा. विभागीय जानकारी के अनुसार इन सिंचाई परियोजनाओं में सिर्फ 6 सिंचाई परियोजनाएं तो जैतहरी में ही प्रस्तावित हैं, जिनमें 1 सोन नदी में सीतापुर बैराज मध्यम सिंचाई परियोजना और 5 लघु सिंचाई योजनाएं जलाशय शामिल हैं. जबकि अनूपपुर में 2 लघु जलाशय, और पुष्पराजगढ़ में 1 मध्यम जोहिला नदी में सल्हरो बैराज योजना के साथ 1 लघु सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित है. बताया जाता है कि इसके लिए कुल 50159.75 लाख रूपए का अनुमानित लागत रखा गया है. जबकि इन सभी 10 मध्यम और लघु सिंचाई योजनाओं से तीनों विकासखंड अनूपपुर, जैतहरी और पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के 15055 हेक्टेयर रकबा सिंचाई किया जा सकेगा. जबकि प्रस्तावों के अनुसार इन सभी योजनाओं से सीसीए के तहत 11455 हेक्टेयर सिंचित होना प्रस्तावित किया गया है.

5 साल से नहीं मिल रही अनुमति, साध्यता ऑनलाइन जारी

विभागीय जानकारी के अनुसार इन परियोजनाओं में पुष्पराजगढ़ के जोहिला नीद में सल्हारो बैराज योजना के लिए सर्वेक्षण प्राक्कलन स्वीकृति के लिए अधीक्षण यंत्री जलसंसाधन मंडल शहडोल को भेजा जा चुका है. वहीं जैतहरी के सोननदी में सीतापुर बैराज का निर्माण के लिए सर्वेक्षण प्राक्कलन स्वीकृति के लिए अधीक्षण जलसंसाधन मंडल शडडोल को पत्र भेजते हुए त्रुटियों का निराकरण अनुविभागीय स्तर पर किया जा रहा है. जबकि कसंगीनाला जलाशय के लिए कार्यपालन यंत्री द्वारा 16 दिसम्बर 2017 को साध्यता ऑनलाइन जारी किया गया है, वहीं सोनमढी टैंक के लिए 13 अप्रैल 2017, कुकुरगोडा जलाशय के लिए 16 नवम्बर 2017, कटना स्टोरेज बियर के लिए 27 जनवरी 2020, बड़ी मौहरी टैंक के लिए 21 दिसम्बर 2020 सीतापुर स्टोरेज बियर, जैतहरी स्टोरेज बियर और कुकुरगोडा(पौडार स्टोरेज वियर) के लिए 4 जनवरी 2021 को साध्यता ऑनलाइन किया जा चुका है. लेकिन में अभी तक शासन द्वारा अनुमति नहीं मिल पाई है.

साध्यता के बाद सर्वेक्षण का होग कार्य

विभागीय जानकारी के अनुसार शासन की ओर अनुमति मिलने के बाद सम्बंधित जलाशयों के सर्वेक्षण का कार्य आरंभ किया जाएगा, जहां सर्वेक्षण सही पाए जाने पर डीपीआर तैयार किए जाएंगे. जबकि मध्यम योजनाओं में मुख्य अभियंता बोधी कार्यालय से स्वीकृति प्रदान की जाती है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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