प्रदीप द्विवेदीः राष्ट्रपति चुनाव! मुखौटा आदिवासी का, चेहरा पीएम मोदी का?

प्रदीप द्विवेदीः राष्ट्रपति चुनाव! मुखौटा आदिवासी का, चेहरा पीएम मोदी का?

प्रेषित समय :20:46:26 PM / Tue, Jul 12th, 2022

जन की बात. राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को लेकर मेरे लिए यह सबसे बड़ी गर्व की बात है कि उनकी डिग्री फर्जी नहीं है?
बाकी तो.... कहने को राष्ट्रपति चुनाव में मोदी टीम ने वोट बटोरने के लिए आदिवासी महिला को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जरूर है, लेकिन हकीकत यही है कि- यह मुखौटा आदिवासी का है, असली चेहरा तो पीएम मोदी का ही है?

बोले तो.... बोनसाई पॉलिटिक्स, जो परोक्ष रूप से सत्ता और संगठन पर पीएम मोदी के एकाधिकार को और मजबूत ही करेगी!
इससे पहले दलित राष्ट्रपति के नाम पर रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति बने, क्या मिला?

दलितों को कितना फायदा हुआ?

यहां तक कि.... आत्ममुग्ध मोदी टीम ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति तो बना दिया, लेकिन कोरोना काल में कभी टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करने का मौका तक नहीं दिया?

अभी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 11 जुलाई, 2022 को नए संसद भवन के शीर्ष पर राष्ट्रीय प्रतीक का अनावरण किया, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कहां हैं?

वैसे तो राष्ट्रपति रामनाथ कोविद को कोई बड़ा अवसर नहीं दिया गया, अलबत्ता, सरदार पटेल का नाम हटा कर सियासी बेशर्मी की निशानी बने नरेंद्र मोदी स्टेडियम का उद्घाटन जरूर करवाया गया है?

आजादी के बाद दक्षिण राजस्थान के आदिवासियों का विकास मैंने बहुत करीब से देखा है!

दक्षिण राजस्थान के आदिवासियों के विकास में कांग्रेस का, खासतौर पर पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी और अजा-जजा आयोग के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भीखाभाई का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.

जहां माही परियोजना ने इस क्षेत्र को कालेपानी के कलंक से मुक्ति दिलाई, वहीं सरकारी नौकरियों ने इनका आर्थिक आधार मजबूत किया है.

माही परियोजना के कारण खेती-किसानी में भी आदिवासी आत्मनिर्भर हुए हैं.

पीएम मोदी ने तो बस, घर, घर में नल, नल में जल.... जैसी तुकबंदी ही की है?

पीएम मोदी को बुलेट ट्रेन की तो बड़ी चिंता है, बुलेट ट्रेन खटाई में पड़ी तो महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार गिरा दी, लेकिन आदिवासियों के विकास के लिए बेहद जरूरी- रतलाम, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, अहमदाबाद रेल को ठंडे बस्ते में डाल दिया है, काहे?

जरूरत इस बात की है कि अपने सियासी फायदे के लिए आदिवासियों को केवल सजावटी पद नहीं दें, उन्हें असली अधिकार भी दें!

इसी को लेकर गुजरात के प्रमुख नेता जिग्नेश मेवाणी ने ट्वीट किया है....

Jignesh Mevani @jigneshmevani80

रामनाथ कोविंद जी को राष्ट्रपति बना देने से दलित समाज का कोई कल्याण नहीं हुआ, वैसे ही एक आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बना देने से आदिवासी समाज के जंगल-जमीन जैसे महत्वपूर्ण सवालों का हल नहीं होना है....

https://twitter.com/i/status/1546717438523621376

हंसराज मीणाः नरेंद्र मोदी जितना ओबीसी का भला कर पाए उतना ही द्रौपदी मुर्मू आदिवासियों का भला कर पाएंगी?
सियासी बेशर्मी की निशानी बने नरेंद्र मोदी स्टेडियम का नाम कब बदलेगा?
https://palpalindia.com/2022/06/04/gujrat-cricket-stadium-political-shameless-sign-narendra-modi-stadium-sardar-patel-stadium-news-in-hindi.html
गुजरात में कई धमाकेदार मुद्दे हैं, बड़ा सवाल यह है कि- इन पर काम कौन करे?  
https://palpalindia.com/2022/06/05/gujrat-issue-modi-government-ration-scam-familyism-inflation-corruption-negligence-Sardar-Patel-news-in-hindi.html
मोदीजी! माही परियोजना नहीं होती तो- नल, नल में जल, जैसे जुमले उछालकर इतराने का अवसर नहीं मिलता?
https://palpalindia.com/2022/05/17/Modiji-Mahi-project-an-opportunity-to-show-off-by-rumblings.html
काश! मोदीजी ने पटेल को पढ़ा होता, माही परियोजना को देखा होता, विनोबा को समझा होता....
पीएम नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री है, जिन्हें लगता है कि उनसे पहले बने तमाम प्रधानमंत्री अयोग्य थे? मोदीजी ने कथित डिग्री तो हासिल कर ली, लेकिन पन्नालाल पटेल को शायद नहीं पढ़ पाए हैं और न तो माही परियोजना को देखा है, न ही विनोबा भावे के भूदान को समझ पाए हैं? वागड़ के मूल निवासी गुजराती के महान साहित्यकार पन्नालाल पटेल को पढ़ा होता तो शायद समझ पाते कि आजादी के समय देश के क्या हालात थे?
https://www.palpalindia.com/2021/08/15/delhi-PM-Modi-litterateur-Pannalal-Patel-Mahi-Project-Vinoba-understood-news-in-hindi.html
सुनहरी यादें! जब श्रीमती इंदिरा गांधी ने माही जल-प्रवाह का बटन दबा कर बांसवाड़ा-डूंगरपुर (वागड़) की तस्वीर और तकदीर बदलने की शुरूआत कर दी....

आदिवासियों को पूरा समय तो केवल पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही दिया था!

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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