जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे के केंद्रीय अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं, अंधेरगर्दी, चिकित्सकों की मनमानी से परेशान मरीजों के मामले लगातार सामने आते रहे हैं. इस मामले को लेकर वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए अस्पताल परिसर में धरना, प्रदर्शन करने का ऐलान किया था. जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यूनियन के प्रतिनिधि मंडल के साथ विस्तार से चर्चा की और यूनियन द्वारा उठाए गये मुद्दों पर त्वरित निर्णय लिया, जिसके बाद रेलवे ने सभी निजी अस्पताल जो अनुबंधित हैं, को एक आदेश जारी किया है, जिसमें निजी अस्पताल मरीजों को अवकाश के दिन में रिलीव नहीं करने और सामान्य दिनों में दोपहर 12 बजे तक ही रिलीव करने का सख्त आदेश दिया है.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों एक रिटायर रेल कर्मचारी जो निजी अस्पताल में उपाचारार्थ भर्ती था, उसका बायपास आपरेशन हुआ था, वह पूरी तरह से स्वस्थ हुआ भी नहीं था कि अस्पताल प्रशासन ने उसे रिलीव कराकर रेलवे अस्पताल बुला लिया, जहां पर बकरीद के अवकाश होने पर कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था, बाद उक्त रिटायर रेल कर्मचारी की मौत हो गई थी. इस घटना को डबलूसीआरईयू ने गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी. यूनियन महामंत्री काम. मुकेश गालव ने इस मामले को पमरे के महाप्रबंधक के संज्ञान में भी लाया गया था, जिसके बाद तेजी से कार्रवाई की गई.
सीएमडी के साथ यूनियन पदाधिकारियों की हुई बैठक, लिये कई निर्णय
इस संबंध में यूनियन के मंडल सचिव रोमेश मिश्रा न ेबताया कि पमरे के प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक के साथ यूनियन के प्रतिनिधि मंडल जिसमें जबलपुर मंडल अध्यक्ष बीएन शुक्ला, मुख्यालय शाखा अध्यक्ष सिंटू सिंह, सचिव मनीष यादव शामिल थे, के साथ एक बैठक 6 जुलाई गुरूवार को हुई. जिसमें यूनियन द्वारा उठाये गये मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए उसे तत्काल निराकरण करने का निर्णय लिया.
यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू
1. केन्द्रीय चिकित्सालय, जबलपुर से अनुबंधित सभी चिकित्सालयों को निर्देश जारी कर दिये गये हैं कि अनुबंधित चिकित्सालय द्वारा मरीज को डिस्चार्ज होने के उपरांत यदि रेलवे अस्पताल में भेजने आवश्यकता है तो डिस्चार्ज कार्य दिवस के दोपहर 12.00 बजे के पूर्व किया जाए, ताकि अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दे सके. रविवार एवं अन्य अवकाश के दिन मरीजों को डिस्चार्ज कदापि नहीं किया जाए.
2. निजी अनुबंधित चिकित्सालय में आवश्यकता अनुसार रेफर किये जाने की प्रक्रिया को मरीजों के हित में अधिक सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जाएगा.
3. केन्द्रीय चिकित्सालय, पमरे जबलपुर हेतु मरीजों का स्वास्थ्य प्रथम प्राथमिकता है. मरीजों की गंभीरता को देखते हुए मरीजों को आवश्यकता अनुसार उचित अनुबंधित निजी चिकित्सालय में चिकित्सक की सलाह पर रेफर किया जा रहा है.
4. सामान्यत: लोकल पर्चेस की दवाईयां प्रतिदिन के हिसाब से अपराहन में उपलब्ध करा दी जाती हैं. दूरस्थ स्टेशनों के मरीजों की सुविधा हेतु यथा संभव शीघ्रता से मरीजों को दवाईयां उपलब्ध करायी जाएगी. इस संबंध में दवाईयों की खरीदी व्हाट्सएप के माध्यम से किये जाने का प्रयास किया जाएगा.
5. चिकित्सा प्रतिपूर्ति केसों के त्वरित निराकरण हेतु मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जबलपुर को सूचित कर दिया गया है.
6. अस्पताल में पदस्थ विभिन्न चिकित्सक एवं कर्मचारियों को मरीजों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार रखने हेतु विभिन्न स्तर पर समझाइश दी जा रही है, ताकि मरीजों को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े.
7. अस्पताल के भीड़-भाड़ वाले हिस्सों में पदस्थ कर्मचारियों को व्यवहार कुशलता हेतु साफ्ट स्पोकन स्किल ट्रेनिंग समय-समय पर दी जा रही हैं. कतिपय कर्मचारी जिनके संबंध में यूनियन प्रतिनिधियों द्वारा नियमित शिकायत प्राप्त हो रही है, उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. कार्यरत चिकित्सकों को मरीजों की सुविधा हेतु ओ.पी.डी में समय पालन की समझाइश दी जा रही है ताकि मरीजों को असुविधा न हो.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-यूपी-बिहार के यात्रियों को फायदा : रेलवे ने 22 स्पेशल समर ट्रेनों के संचालन की अवधि बढ़ाई
बालासोर रेल एक्सीडेंट : उड़ीसा ट्रेन हादसे के एक महीने के बाद रेलवे ने जीएम अर्चना जोशी को हटाया
Nagpur: इतवारी रेलवे स्टेशन का नाम बदला, अब नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नाम से जाना जाएगा