पलपल संवाददाता, जबलपुर/भोपाल, इंदौर. एमपी में हिट एडं रन कानून के विरोध में आज से ट्रक-बस ड्राइवरों ने हड़ताल शुरु कर दी. जबलपुर, इंदौर, भोपाल सहित अधिकतर जिलों के स्टेंड से बसें नहीं चली. जिसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है. इंदौर में करीब 900, भोपाल में 800 व जबलपुर में करीब 500 बसें स्टेंड में ही खड़ी रही. वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पम्पों पर लोगों की भीड़ लगी रही, यहां तक कि बालाघाट में भीड़ को काबू करने के लिए पेट्रोल पम्पों पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा है.
बताया गया है कि बस-ट्रक चालक हिट एडं रन मामले में नए कानून का विरोध कर रहे हैं. जिसमें दस साल की सजा व 7 साल रुपए जुर्माना का प्रावधान है. विरोध के चलते ट्रक व बस ड्राइवर ने देर रात दो बजे के बाद ही अपने वाहन खड़े कर दिए थे. ड्राइवरों द्वारा की जा रही हड़ताल के चलते कई जगहों पर प्रदर्शन के कारण जाम के हालात निर्मित हो गए. ड्राइवरों का कहना है कि ड्राइवर गाड़ी गलत नहीं चलाता है. इसलिए उन्हें आरटीओ से लाइसेंस मिला है. अब गाड़ी चलाने के दौरान अचानक कोई मवेशी आ जाए तो उसे उठाकर ले जाने से तो रहे. लाइसेंस में सजा का प्रावधान है तो हम गाड़ी चलाना ही छोड़ देंगे. कोई गलती से हमारी गाड़ी में घुस गया और मौत हो गई तो ड्राइवर कैसे जिम्मेदार है. वह 10 लाख रुपए कहां से देगा और क्यों वह 7 साल की सजा भुगतेगा. इससे बेहतर तो गाड़ी नहीं चलाना है. हम दूसरा कोई भी काम कर लेगें, क्योंकि हमें परिवार का भरण-पोषण तो करना ही पड़ेगा.
केन्द्रीय मंत्री को लिखा पत्र-
मोटर ट्रांसपोर्ट के पदाधिकारियों ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कानून वापस लेने के लिए पुनर्विचार करने लिखा गया है. यदि कानून वापस नहीं लिया जाता है तो वे भी ड्राइवरों के साथ मिलकर आंदोलन करेगें. इस संबंध में 2 जनवरी को देशभर के ट्रांसपोटर्स की बैठक करने वाले हैं. इसमें आगे के निर्णय लिए जाएंगे. इस नियम के आने के बाद भारी वाहन चालक अपनी नौकरियां छोड़ रहे हैं. भारतीय न्याय संहिता 2023 में एक्सीडेंट में दोषी वाहन चालकों को 10 साल की सजा का प्रावधान है. जो हमारे परिवहन उद्योग को खतरे में डाल रहा है. हिट एंड रन के मामलों में कड़े कदम उठाने की जरूरत है, इसके पीछे सरकार का मकसद भी अच्छा है, लेकिन जो कानून प्रस्तावित है. उसमें कई सारी खामियां हैं. इस पर दोबारा सोचने की जरूरत है.
जबलपुर में आईएसबीटी बस स्टेंड में सुबह से पसरा सन्नाटा-
जबलपुर में प्रतिदिन 500 से अधिक बसों का संचालन होता है, अधिकतर बसे आईएसबीटी से चलती है, जहां पर आज सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा. हड़ताल को लेकर पदाधिकारियों ने कहा कि हम ना चाहते हुए भी हड़ताल कर रहे हैं क्योंकि जिस तरह का कानून केंद्र सरकार बना रही है वह हमारी जिंदगी को बर्बाद कर देगा. कोई भी बस चालक जान बूझकर दुर्घटना नहीं करता है.
लेकिन सरकार हम पर अपना काला कानून सौंप रही है. जो की पूरी तरह से गलत है. इसी वजह से हम सभी बस चालक आज से बस नहीं चलाएंगे. बस स्टैंड के सामने खड़े बस चालकों के साथ आटो चालकों भी हड़ताल में शामिल हो गए है. बस बंद होने के कारण दूर-दूर से आए लोग अपने.अपने गंतव्य को जाने के लिए परेशान हों रहें है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-दिल्ली-एनसीआर में कोहरा, 134 फ्लाइटस लेट, एमपी के 6 शहरों में ओले गिरने के आसार
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