भोपाल. रेलवे में गत दिसम्बर माह में हुए माह में हुए मान्यता चुनाव में पश्चिम मध्य रेलवे मजदूर संघ ही एकमात्र संगठन मान्यता हासिल करने में सफल हुआ, लेकिन इस जीत के नशे के गुरूर में कुछ संघ पदाधिकारी इतने निरंकुश होते जा रहे हैं, कि वे अन्य संगठनों या महत्वपूर्ण पद पर बैठे अन्य स्टाफ को जबर्दस्ती अपने संगठन (मजदूर संघ) में शामिल होने का दबाव डाल रहे हैं, जो कर्मचारी उनकी नहीं सुन रहा, वे प्रशासन के साथ मिलकर प्रताडि़त करने का काम कर रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है. एक कर्मचारी ने तो रेल मंत्री, जीएम, भाजपा नेताओं तक से शिकायत की है.
ऐसा ही मामला भोपाल मंडल में सामने आया है, जहां पर सीआरडबलूएस मे विद्युत विभाग में वरिष्ठ लिपिक के पद पर पदस्थ राहुल रायकवार ने मुख्य कारखाना प्रबंधक को लिखित शिकायत की है, जिसमें कहा गया है कि भोपाल मंडल के संघ अध्यक्ष मनोज अग्रवाल द्वारा उन्हें संघ में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, उनके द्वारा मना करने पर उनके तबादले को निरस्त करने सहित प्रताडि़त किया जा रहा है, जिससे वे काफी आहत हैं. उन्होंने शिकायत की प्रति केंद्रीय गृहमंत्री, रेल मंत्री, एमपी के मंत्री विश्वास सारंग, चेयरमैन रेलवे बोर्ड, पमरे के महाप्रबंधक, सहित रेलवे के अन्य कर्मचारी संगठनों, आरपीएफ को भी दी है. कर्मचारी ने कहा है कि यदि उन्हें मजदूर संघ के पदाधिकारी की प्रताडऩा से राहत नहीं मिलती है तो वह आत्महत्या कर लेगा, जिसकी जवाबदारी रेल प्रशासन, सहित मजदूर संघ की होगी.
दबाव बनाने का बढ़ा ट्रेंड
बताया जाता है कि मान्यता चुनाव में जीत को कुछ पदाधिकारी पचा नहीं पा रहे हैं, वे अपने संगठन (मजदूर संघ) में येन-केन-प्रकारेण प्रमुख पदों पर पदस्थ कर्मचारियों, सुपरवाइजर्स को शामिल करने के लिए लगातार दबाव डाल रहे हैं, जो कर्मचारी उनके दबाव में नहीं आ रहा तो उन्हें विजिलेंस में कम्पलेंट करने व वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करके अन्यत्र तबादला करवाने की धमकी दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बीना में भी सामने आया है, जहां पर एक स्टेशन मास्टर पर भी दबाव डाला जा रहा है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-