अभिमनोज
सुप्रीम कोर्ट से पिछली सुनवाई के दौरान रणवीर इलाहाबादिया के खिलाफ सख्त टिप्पणी की थी, लेकिन बाद में उनकी गिरफ्तारी से जुड़े मामले में बड़ी राहत प्रदान करते हुए अंतरिम जमानत भी दी थी.
खबर है कि.... रणवीर इलाहाबादिया ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन प्रस्तुत करके अपने शो को प्रसारित करने से रोकने वाले आदेश के एक हिस्से को हटाने की मांग करते हुए कहा कि- इस प्रतिबंध के कारण केवल उनका खुद का ही नहीं, बल्कि उनके 280 कर्मचारियों का भी जीवन यापन प्रभावित हो रहा है.
खबरों की मानें तो.... इस मामले में अदालत ने कहा कि- हास्य एक ऐसी चीज है, जिसका पूरा परिवार आनंद ले सकता है, किसी को भी शर्मिंदगी महसूस नहीं होती, लेकिन हर तरह की गंदी भाषा का इस्तेमाल करना प्रतिभा नहीं है.
अदालत ने यह भी कहा कि- समाज-दर-समाज, नैतिक मानक अलग-अलग हो सकते हैं, हमने खुद को अधिकारों की गारंटी दी है, लेकिन वे शर्तों के अधीन हैं.
ऐसे कार्यक्रमों के प्रसारण या प्रसारण के संबंध में जो हमारे समाज के ज्ञात नैतिक मानकों के संदर्भ में स्वीकार्य नहीं हैं, कुछ नियामक उपायों की आवश्यकता हो सकती है.
इस सुनवाई के दौरान रणवीर इलाहाबादिया को शो की शालीनता और नैतिकता बनाए रखने की शर्त पर अनुमति दी गई!