जबलपुर में धरना, प्रदर्शन, रैली, डीजे पर पूर्णत: प्रतिबंध, बिना अनुमति नहीं किए जा सकेगें किसी भी प्रकार के आयोजन

जबलपुर में धरना, प्रदर्शन, रैली, डीजे पर पूर्णत: प्रतिबंध, बिना अनुमति नहीं किए जा सकेगें किसी भी प्रकार के आयोजन

प्रेषित समय :18:54:59 PM / Mon, Apr 27th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर। जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने आने वाले त्यौहारों के मद्देनजर जिले में कानून व्यवस्था बनाये रखने तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों के हनन को रोकने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति प्राप्त किये बिना सभी प्रकार के आयोजनों पर रोक लगा दी है।
                                     जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश संपूर्ण जिले में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और यह आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इसका उल्लंघन पाये जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 तथा अन्य समस्त प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी। प्रतिबंधात्मक आदेश के मुताबिक प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति प्राप्त किये बिना किसी भी प्रकार के आयोजन नहीं किये जा सकेंगे। अनुमति प्राप्त किये बगैर होने वाले आयोजनों को अवैध घोषित किया जायेगा तथा आयोजकों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। 
भंडारों के आयोजन पर भी रोक-
जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश में प्रशासनिक अनुमति के बिना रैली, धरना, प्रदर्शन के साथ-साथ भण्डारों के आयोजन पर भी रोक लगाई गई है। इसी प्रकार धार्मिक, राजनैतिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान मार्गों पर टेंट लगाना या भंडारे का  आयोजन भी नहीं किया जा सकेगा, जिससे यातायात प्रभावित हो।
दो पहिया वाहन रैली पर पूर्णत: प्रतिबंध-
आदेश में दो पहिया वाहन रैली को पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही डीजे के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। आदेश के अनुसार सभी को मध्यप्रदेश कोलाहल अधिनियम एवं ध्वनि प्रदूषण नियम का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों से आपत्तिजनक नारे अथवा गाने इत्यादि प्रसारित नहीं किए जा सकेंगे। ऐसा पाए जाने पर डीजे उपलब्ध कराने वाले टेंट हाउस आदि पर भी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक अनुमति प्राप्त आयोजनों में भी ऐसे नारे अथवा शब्दों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा, जिनसे किसी भी धर्म अथवा वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचती हो। ऐसा पाये जाने की दशा में संबंधित त्रुटिकर्ता के साथ-साथ कार्यक्रम के आयोजकों का भी उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा और उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जायेगी। आदेश में व्यक्तियों, संस्थाओं अथवा पशु मालिकों से कहा गया है कि वे अपने पशुओं को खुले तौर पर सडकों पर न छोड़ें और न ही सड़कों पर आने दें।
इनकी सूचना थाना में देना होगी-
जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश में घरेलू सहायकों एवं व्यावसायिक सहायकों को रखने के पहले इसकी सूचना संबंधित थाने पर विहित प्रारूप में देना अनिवार्य किया गया है। होटल, लॉज, धर्मशाला में रूकने वाले व्यक्तियों से पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लेने तथा विहित प्रारूप में इनकी सूची प्रतिदिन संबंधित थाने को देने के निर्देश होटल, लॉज, धर्मशाला संचालकों को दिये गये हैं। आदेश के मुताबिक पेइंग गेस्ट की सूचना संबंधित मकान मालिक द्वारा विहित प्रारूप में सबंधित थाने को देनी होगी। इसके बाद ही पेईंग गेस्ट को रखा जा सकेगा। यदि मकान में किरायेदार रखा जाता है तो इसकी सूचना भी संबंधित थाने को लिखित रूप से मकान मालिक द्वारा प्रदान किया जाना अनिवार्य होगा। 
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर होगी कार्यवाही- 
आदेश में जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में व्हाट्सअप, एक्स, फेसबुक एवं सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक अथवा उद्वेलित करने वाले फोटो, वीडियो, चित्र अथवा मैसेज करने या साम्प्रदायिक मैसेज करने अथवा उन्हें फारवर्ड करने, लाईक करने, कमेंट करने की गतिविधियों को भी प्रतिबंधित किया गया है।
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-