जबलपुर। एमपी के जबलपुर में नाबालिग लड़कियों को शादी के नाम पर बेचने के एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। 6 दिसंबर 2025 को जबलपुर के घमापुर क्षेत्र से लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग बच्ची के मामले में पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने बच्ची को 22 दिसंबर को जबलपुर से 483 किलोमीटर दूर एमपी-राजस्थान सीमा से लगे शाजापुर के एक गांव से बरामद किया, जहां उसे 2 लाख रुपए में बेचकर शादी कराई गई थी।
पुलिस ने बच्ची से शादी करने वाले युवक को हिरासत में लिया। वहीं नाबालिगा को जबलपुर लाकर परिजनों के हवाले किया है। मामले में पुलिस द्वारा जांच की तो पता चला कि यह नेटवर्क एक पूर्व सरपंच द्वारा संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने अब तक इस मामले में एक महिला सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें गांव के पूर्व सरपंच, पंडित व रिश्तेदार भी शामिल है।
7 दिसम्बर को युवक के साथ घर से भागी-
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जबलपुर के घमापुर क्षेत्र में रहने वाले नाबालिग का एक पड़ोस में ही रहने वाले 20 वर्षीय लड़के से अफेयर था। 6 दिसंबर को लड़की दोस्त सुमित चौहान से मिलने पहुंची। दोनों घूमते हुए जबलपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गए। यहां पर किसी बात को लेकर दोनों का विवाद हो गया, जिसके बाद सुमित नाबालिगा का मोबाइल लेकर वहां से भाग गया। नाबालिग को डर था कि अगर अब वह घर जाएगी, तो माता-पिता डांट लगाएंगे।
रेलवे स्टेशन पर मिले युवक शाजापुर ले गए, पूर्व सरपंच को एक लाख रुपए में बेच दियाञ
जिसके चलते नाबालिगा स्टेशन में ही बैठी रही। इस दौरान उसकी मुलाकात मनीष सपेरा से हुई। नाबालिग से बात करते-करते शाजापुर निवासी मनीष ने उसे अपनी बातों में इस कदर उलझाया कि वह उसके साथ जाने को तैयार हो गई। 7 दिसंबर की रात वह नाबालिग को लेकर बस से मंडला चला गया, इस दौरान उसका भांजा अर्जुन भी साथ में था। दो दिन तक नाबालिग मंडला में दोनों के साथ थी। इसके बाद मनीष व अर्जुन उसे सीहोर के चांदबड़ गांव ले आए। जहां पूर्व सरपंच राकेश कोरबे को 1 लाख रुपए में बेच दिया।
गिरोह के सदस्य बेचने में जुट गए-
पूर्व सरपंच राकेश कोरबे ने बच्ची को बेचने के लिए अपने आदमी लगा दिए। राकेश को यह पता था कि राजस्थान-एमपी से लगे गांव में शादी के लिए असानी से लड़कियां नहीं मिलती हैं। पूर्व सरपंच के कहने पर उसके साथ काम करने वाले पंडित हेमराज कुमारिया, हेमराज विश्वकर्मा, राय सिंह गुर्जर, जतन बाई काम पर लग गए।
2 लाख रुपए देकर अपने साथ ले गया आरोपी-
पूर्व सरपंच के लिए काम करने वाले चारों लोग नाबालिग की फोटो लेकर शाजापुर, बड़वानी, गुना में घूम रहे थे। 12 दिसंबर को गुना जिले के बसद गांव में रहने वाले 30 वर्षीय आकाश मेवाड़ा तक बात पहुंची कि एक लड़की है, जिसकी शादी करना है। पूर्व सरपंच राकेश अपने खिदमदगारों के जरिए आकाश से मिला है, जहां बच्ची की फोटो दिखाने के बाद सौदा 2 लाख में तय हो गया। 12 दिसंबर को 2 लाख रुपए देने के बाद आकाश नाबालिग को अपने साथ गांव ले गया। जहां परिजनों की मौजूदगी में विवाह किया। नाबालिग जैसे-तैसे दिन काट रही थी। 19 दिसंबर को बच्ची ने पड़ोस में रहने वाले एक लड़के का मोबाइल लेकर अपने नंबर में काल किया जो उसके दोस्त सुमित के पास था।
मोबाइल काल से पुलिस पहुंची-
लड़की ने सारी कहानी उससे बताई, लेकिन सुमित ने उसकी मदद नहीं की। पुलिस लगातार लड़की के मोबाइल को ट्रेस कर रही थी। साइबर पुलिस को पता चला कि उसका मोबाइल सुमित के पास है, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने काल के बारे में बता दिया। नाबालिग लड़की के अपहरण से जुड़ा मामले होने के कारण केस डायरी घमापुर थाने से महिला थाना पुलिस को सौंप दी गई। आऱोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 142,143,144 के तहत मानव दुर्रव्यापार का मामला पंजीबद्ध किया गया। सीएसपी आशीष जैन के नेतृत्व में महिला थाना प्रभारी मंजू शर्मा अपनी टीम के साथ शाजापुर,गुना के लिए रवाना हुई, जहां पर पुलिस ने आकाश को पकड़ा और पूछताछ की तो परत दर परत खुलासे होते चले गए।
अब तक 9 गिरफ्तार-
पुलिस ने मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मनीष सपेरा, अर्जुन, सुमित चौहान, राकेश कोरबे, आकाश मेवाड़ा, जतन बाई, हेमराज कुमारिया, हेमराज विश्वकर्मा और राय सिंह गुर्जर शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में और भी मामलों का खुलासा हो सकता है।
शाजापुर में दो लाख रुपए में बिकी जबलपुर की नाबालिगा, पूर्व सरपंच संचालित कर रहा था गिरोह, अब तक 9 गिरफ्तार
प्रेषित समय :08:08:25 AM / Thu, Apr 30th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर




