जबलपुर। एमपी के जबलपुर में पाटन स्थित उपजेल में पदस्थ एक महिला जेल प्रहरी कथित प्रताडऩा से इस कदर परेशान हो चुकी है कि उसने नौकरी छोडऩे तक का मन बना लिया है। महिला जेल प्रहरी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर मानसिक रूप से प्रताडि़त किए जाने की शिकायत की है। उसका आरोप है कि ड्यूटी के बाद बाजार जाने पर भी उसका पीछा किया जाता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 से शुरू हुआ यह विवाद अब तक सुलझ नहीं पाया है। हालांकि जेल प्रशासन का कहना है कि विभाग पूरी तरह महिला कर्मचारी के साथ खड़ा है और मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों सहित एडीजे को भी दी गई है। जानकारी के अनुसार जबलपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित पाटन सब जेल में पदस्थ महिला जेल प्रहरी रचना ने शिकायत में बताया है कि साल 2024 में सौरभ व्यास नाम का व्यक्ति जेल पहुंचा था और बिना अनुमति सीधे मुलाकात कक्ष की ओर जाने लगा। रचना ने जब उससे मिलने की अनुमति और पहचान संबंधी दस्तावेज पूछे, तो इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। महिला प्रहरी का आरोप है कि इसके बाद से उसे लगातार परेशान किया जाने लगा।
महिला जेल प्रहरी को धमकी- तुम्हारी वर्दी उतरवा दूंगा-
पाटन जेल में सहायक जेल अधीक्षक हेमेंद्र बागरी के मुताबिक रचना की नियुक्ति साल 2018 में महिला जेल प्रहरी के पद पर हुई थी और सब कुछ सामान्य चल रहा था। लेकिन 2024 से सौरभ व्यास द्वारा उसे परेशान किया जाने लगा। मामले की लिखित शिकायत पाटन थाने में की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर मानव अधिकार आयोग को पत्र लिखा गया। इसके बाद 17 जनवरी 2026 को एफआईआर दर्ज हुई, हालांकि पुलिस ने थाने से ही आरोपी को जमानत दे दी।
समझौते का दबाव बनाने का आरोप-
महिला प्रहरी ने आरोप लगाया है कि मामला कोर्ट में पहुंचने के बावजूद उस पर राजीनामा करने का दबाव बनाया जा रहा है। उसका कहना है कि लगातार तनाव और दबाव के कारण उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। इतना ही नहीं, वह अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी ठीक से नहीं कर पा रही है।
सभी आरोप निराधार, सबूत देना चाहिए-
वहीं मामले में सौरभ व्यास का कहना है कि उन्होंने जेल में कथित अनियमितताओं की शिकायत की थी और इसी कारण उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करवाई गई। उनका कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। सौरभ व्यास ने यह भी कहा कि महिला जेल प्रहरी का पीछा करने के आरोप भी गलत हैं और यदि इस संबंध में कोई सबूत हैं तो उन्हें पुलिस या संबंधित अधिकारियों के सामने पेश किया जाना चाहिए।
जबलपुर में महिला जेल प्रहरी को दी जारही मानसिक प्रताडऩा, नौकरी छोडऩे को मजबूर
प्रेषित समय :14:36:32 PM / Mon, Jun 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर




