राहुल गांधी ने हाई कोर्ट में दी सफाई, कहा शिवराज या कार्तिकेय के लिए नहीं था विवादित बयान

राहुल गांधी ने हाई कोर्ट में दी सफाई, कहा शिवराज या कार्तिकेय के लिए नहीं था विवादित बयान

प्रेषित समय :19:24:45 PM / Wed, Jun 24th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जुड़े चर्चित मानहानि प्रकरण में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में बुधवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष राहुल गांधी द्वारा भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट से जारी समन को चुनौती देने वाली याचिका पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई। सुनवाई समाप्त होने के बाद हाई कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में न्यायालय के फैसले का इंतजार किया जा रहा है, जिस पर राजनीतिक और कानूनी दोनों हलकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता ने न्यायालय के समक्ष एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। इस आवेदन में उस विवादित बयान को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया गया है, जिसके आधार पर उनके खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया गया था। राहुल गांधी की ओर से न्यायालय को बताया गया कि जिस वक्तव्य को विवाद का आधार बनाया गया है, उसका संबंध तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अथवा उनके पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान से नहीं था। आवेदन में कहा गया कि बयान की गलत व्याख्या की गई है और उसका आशय शिकायतकर्ता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

राहुल गांधी की ओर से यह भी कहा गया कि बयान को संदर्भ से अलग कर प्रस्तुत किए जाने के कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। उनके अधिवक्ता ने न्यायालय से आग्रह किया कि पूरे मामले को बयान की वास्तविक पृष्ठभूमि और संदर्भ में देखा जाए। इस स्पष्टीकरण को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाई कोर्ट ने कार्तिकेय सिंह चौहान से जवाब मांगा है और उन्हें लिखित प्रतिक्रिया प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2018 के झाबुआ विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित बयान से जुड़ा हुआ है। कार्तिकेय सिंह चौहान का आरोप है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में पनामा पेपर्स प्रकरण का उल्लेख करते हुए ऐसा वक्तव्य दिया था, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसी शिकायत के आधार पर भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था।

समन जारी होने के बाद राहुल गांधी ने हाई कोर्ट का रुख करते हुए समन और उससे संबंधित पूरी न्यायिक कार्यवाही को निरस्त किए जाने की मांग की है। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने फिलहाल अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि अदालत का फैसला इस मामले की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

संयोगवश गुरुवार को राहुल गांधी को इसी प्रकरण में भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में भी उपस्थित होना है। ऐसे में हाई कोर्ट का संभावित आदेश न केवल कानूनी दृष्टि से बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि राहुल गांधी को इस मामले में राहत मिलती है या फिर उन्हें निचली अदालत की कार्यवाही का सामना करना होगा।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-