रहे न रहे हम की..... सुरमयी शाम ने श्रोताओं को पुरानी यादों में पहुंचाया

रहे न रहे हम की..... सुरमयी शाम ने श्रोताओं को पुरानी यादों में पहुंचाया

प्रेषित समय :19:29:39 PM / Mon, Jul 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर। शहर के प्रतिष्ठित शहीद स्मारक प्रेक्षागृह में आयोजित संगीतमय कार्यक्रम "रहे न रहे हम" ने संगीत प्रेमियों को सदाबहार गीतों की ऐसी सौगात दी, जिसने पूरे सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया। सुर संगनी संगीत वृंद के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में संगीत के प्रसिद्ध शिक्षक श्री परशुराम पटेल एवं शास्त्रीय संगीत व गजल गायक डॉ. अमित कुमार दुबे की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की परिकल्पना एवं संयोजन सुधीर श्रीवास्तव और सार्थक यादव ने किया, जबकि ध्रुव मुखर्जी एवं राकेश चौरसिया के मार्गदर्शन में आयोजन को आकर्षक स्वरूप मिला।

कार्यक्रम में संगीत और वाद्य यंत्रों का बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। सार्थक यादव एवं उनकी टीम ने विभिन्न वाद्य यंत्रों की शानदार प्रस्तुति से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। बोर्ड पर श्री आनंद यादव, तबले पर श्री अनुराग बैन, ढोलक पर श्री राजेन्द्र कोरी, पैड पर श्री अनिल कोरी, गिटार पर आयुष एवं दिनेश, ड्रम पर श्री शुभम तथा बांसुरी पर श्री सन्नी ने अपनी सधी हुई प्रस्तुति से हर गीत को नई ऊंचाई प्रदान की। वाद्य यंत्रों की मधुर संगत ने गायन को और अधिक प्रभावशाली बना दिया तथा दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। संगीतमय शाम में ध्रुव मुखर्जी, शामिला मुखर्जी, डॉ. अनामिका श्रीवास्तव, नीतू शर्मा, राकेश चौरसिया, सुधीर श्रीवास्तव, रूचिरा श्रीवास्तव, मीनल चौधरी, प्रीत श्रीवास्तव, नायरा दुबे, निखिल यादव, डॉ. ललित श्रीवास्तव, पंकज दुबे, संदीप सिंह, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव और मुर्गेश पिल्ले सहित अनेक कलाकारों ने सदाबहार गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कलाकारों ने "रहे न रहे हम", "ये कौन आया रोशन हो गई महफिल", "बहारों फूल बरसाओ", "प्यार करने वाले प्यार करते हैं शान से" और "बिंदिया चमकेगी" जैसे लोकप्रिय गीतों को सामूहिक रूप से प्रस्तुत किया। इन गीतों ने उपस्थित श्रोताओं को पुरानी यादों के सुनहरे दौर में पहुंचा दिया और पूरा सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सुर संगनी संगीत वृंद की ओर से संगीत के वरिष्ठ शिक्षक श्री परशुराम पटेल एवं शास्त्रीय संगीत और गजल गायन के लिए प्रसिद्ध डॉ. अमित कुमार दुबे का सम्मान किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों का उद्देश्य संगीत की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा देना है। पूरे आयोजन के दौरान कलाकारों की प्रस्तुतियों और वाद्य यंत्रों के उत्कृष्ट समन्वय ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-