प्रमोशन में आरक्षण विवाद पर 7 जुलाई को फिर होगी सुनवाई, लाखों कर्मचारियों की उम्मीदें हाई कोर्ट पर टिकीं

प्रमोशन में आरक्षण विवाद पर 7 जुलाई को फिर होगी सुनवाई, लाखों कर्मचारियों की उम्मीदें हाई कोर्ट पर टिकीं

प्रेषित समय :20:08:40 PM / Mon, Jul 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर। मध्य प्रदेश में लंबे समय से चर्चा का विषय बने प्रमोशन में आरक्षण विवाद पर मंगलवार, 7 जुलाई को एक बार फिर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। आधिकारिक कॉज लिस्ट जारी होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ के समक्ष होगी। युगलपीठ की सूची में यह मामला 17वें क्रम पर रखा गया है और इसकी सुनवाई प्रथम सत्र में होने की संभावना है। इस घटनाक्रम के बाद कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के बीच चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। अब प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों की निगाहें मंगलवार की सुनवाई पर टिकी हैं।

यह मामला 17 फरवरी 2026 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ द्वारा विस्तृत सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखे जाने के कारण चर्चा में आया था। इसके बाद न्यायमूर्ति विनय सराफ का इंदौर खंडपीठ में स्थानांतरण हो गया, जबकि तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हो गए। इन बदलावों के कारण सुरक्षित निर्णय पर आगे की प्रक्रिया प्रभावित हुई और मामला लंबित बना रहा। इसी दौरान सुरक्षित फैसलों को 90 दिनों के भीतर सुनाए जाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लेकर भी कानूनी हलकों में व्यापक चर्चा होती रही। इधर राज्य सरकार मध्यप्रदेश लोक सेवा (पदोन्नति) नियम, 2025 के तहत वरिष्ठता सूची तैयार करने सहित पदोन्नति की प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। ऐसे में हाई कोर्ट में दोबारा शुरू होने वाली सुनवाई का महत्व और बढ़ गया है। माना जा रहा है कि न्यायालय में होने वाली कार्यवाही का सीधा असर सरकार की पदोन्नति प्रक्रिया पर पड़ सकता है।प्रमोशन में आरक्षण विवाद के कारण प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों की नियमित पदोन्नतियां वर्षों से लंबित हैं। इसके चलते विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं, प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और नई भर्तियों की प्रक्रिया पर भी असर पड़ रहा है। सामान्य वर्ग और आरक्षित वर्ग, दोनों के कर्मचारी इस मामले में न्यायालय के रुख का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को होने वाली सुनवाई को इस बहुचर्चित विवाद में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, क्योंकि इससे आगे की न्यायिक और प्रशासनिक दिशा तय होने की संभावना है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-