जबलपुर। एमपी हाईकोर्ट के जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने कटनी निवासी आकाश पोपटानी द्वारा अपने पिता के माध्यम से दायर रिट याचिका पर राज्य शासन से जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को निर्देश दिए हैं कि संबंधित पुलिस अधिकारियों से निर्देश प्राप्त कर बताया जाए कि एफआईआर क्रमांक 566/2025 में अब तक आरोपितों के विरुद्ध न तो चालान प्रस्तुत किया गया और न ही औपचारिक गिरफ्तारी क्यों की गई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शांतनु तिवारी ने तर्क दिया कि आकाश पोपटानी स्वयं हत्या के एक अन्य प्रकरण में न्यायिक अभिरक्षा में है, जबकि वर्तमान रिट याचिका के निजी प्रतिवादी उसी मुकदमे में गवाह हैं और इस प्रकरण में आरोपित भी हैं। इसके बावजूद पुलिस ने निष्पक्ष जांच नहीं की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि माधवनगर थाना पुलिस को शुरू से बताया गया था कि याचिकाकर्ता के साथ गंभीर मारपीट हुई थी और वह चलने-फिरने की स्थिति में नहीं था। यह भी कहा गया कि मृतक चंचलानी शराब पीने के लिए पैसे मांग रहा था तथा बाद में अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की, लेकिन इन तथ्यों की समुचित जांच नहीं की गई। याचिकाकर्ता का कहना है कि विवेचना लंबित रहने से वह अपने विरुद्ध चल रहे हत्या के मुकदमे में प्रभावी बचाव भी नहीं कर पा रहा है। हाई कोर्ट ने शासन से इस संबंध में निर्देश लेकर अगली सुनवाई पर जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
एमपी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से किया सवाल, अब तक चालान, गिरफ्तारी क्यों नहीं की, हत्या के आरोपी की याचिका
प्रेषित समय :19:21:59 PM / Mon, Jul 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर





