बिजली चोरी को लेकर सात उपभोक्ताओं पर एफआईआर, तीन लाख से अधिक का जुर्माना

बिजली चोरी को लेकर सात उपभोक्ताओं पर एफआईआर, तीन लाख से अधिक का जुर्माना

प्रेषित समय :20:23:27 PM / Wed, Aug 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर। बिजली चोरी के खिलाफ मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जबलपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तीन लाख रुपये से अधिक का अनंतिम जुर्माना अधिरोपित किया है। बिलहरी वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले भीटा क्षेत्र में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते पाए गए उपभोक्ताओं पर भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी जैसी गतिविधियों के विरुद्ध भविष्य में भी लगातार अभियान जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर मध्य प्रदेश शासन के निर्देश पर जन विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को शहरभर में बिजली विभाग के सभी अधिकारी मैदानी स्तर पर उतरकर उपभोक्ताओं की लंबित समस्याओं का मौके पर ही समाधान करेंगे।

                                                                     विद्युत विभाग के अनुसार पिछले कुछ समय से बिलहरी वितरण केंद्र के अंतर्गत भीटा क्षेत्र में बिजली चोरी की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं और विभागीय निगरानी के बाद अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र में औचक जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान कई स्थानों पर बिना वैध विद्युत कनेक्शन के सीधे लाइन से बिजली का उपयोग किए जाने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने मौके पर साक्ष्य एकत्रित कर संबंधित उपभोक्ताओं के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई शुरू की। जांच में राजेश कुमार नामदेव, रामदयाल पटेल, अजीत लोधी, ताराचंद पटेल, महेन्द्र पटेल, शुभम पटेल सहित सात उपभोक्ताओं को बिजली चोरी का दोषी पाया गया। विभाग ने सभी मामलों में भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 135 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज करते हुए कुल 3 लाख 6 हजार 64 रुपये की अनंतिम निर्धारण राशि अधिरोपित की है। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई भी जारी रहेगी और आवश्यकतानुसार न्यायालयीन प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। बिजली विभाग का कहना है कि बिजली चोरी केवल राजस्व हानि का विषय नहीं है बल्कि इससे पूरी विद्युत वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है। अवैध कनेक्शन के कारण ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त भार बढ़ता है, लाइन लॉस में वृद्धि होती है और नियमित रूप से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को भी कम वोल्टेज तथा बिजली आपूर्ति में बाधा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि विभाग अब ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी बरतने के बजाय सख्त कार्रवाई की नीति पर काम कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि विभाग लगातार तकनीकी निगरानी, फील्ड निरीक्षण और स्थानीय शिकायतों के आधार पर बिजली चोरी के मामलों की पहचान कर रहा है। जिन क्षेत्रों में बार-बार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर जांच की जा रही है। विभाग का उद्देश्य विद्युत व्यवस्था को पारदर्शी बनाना और ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध रूप से बिजली का उपयोग किया जा रहा हो तो उसकी सूचना विभाग को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इधर मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जन विश्वास अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को विशेष समाधान अभियान आयोजित किया जाएगा। इस अभियान में शहर वृत्त के सभी प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारी सीधे मैदान में मौजूद रहेंगे। विभाग का कहना है कि इस दिन उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर रहेगा, जिससे लोगों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। शहर वृत्त के अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने बताया कि अभियान में कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता, कार्यकारी अभियंता सहित सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उपस्थित रहेंगे। प्रत्येक अधिकारी निर्धारित क्षेत्रों में जाकर उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनेंगे और अधिकतम मामलों का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित करेंगे। विभाग का मानना है कि इस पहल से उपभोक्ताओं और विभाग के बीच संवाद मजबूत होगा तथा लंबित प्रकरणों का तेजी से निराकरण हो सकेगा। विशेष अभियान के दौरान नए बिजली कनेक्शन से जुड़े लंबित आवेदन प्राथमिकता के आधार पर निपटाए जाएंगे। इसके साथ ही बिजली बिलों में त्रुटि सुधार, गलत रीडिंग संबंधी शिकायतें, सीएम हेल्पलाइन में दर्ज पुराने प्रकरण, खराब मीटर बदलने के आवेदन और अन्य तकनीकी समस्याओं का भी मौके पर ही समाधान किया जाएगा। जिन मामलों में तत्काल निर्णय संभव होगा, उन्हें उसी दिन पूर्ण करने का प्रयास किया जाएगा, जबकि जटिल मामलों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाएगी। सोलर ऊर्जा का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को भी इस अभियान में विशेष सुविधा दी जाएगी। जिन उपभोक्ताओं के सोलर कनेक्शन की एनजीबी बिलिंग प्रणाली में अभी तक टैगिंग नहीं हो सकी है, उनकी ऑन-साइट टैगिंग की जाएगी ताकि सोलर ऊर्जा से उत्पन्न बिजली का समुचित लाभ उन्हें समय पर मिल सके। विभाग का कहना है कि सोलर कनेक्शन से जुड़े लंबित तकनीकी मामलों के समाधान से उपभोक्ताओं की बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी। विद्युत विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बिजली का उपयोग केवल वैध कनेक्शन के माध्यम से करें और किसी भी परिस्थिति में अवैध कनेक्शन या बिजली चोरी का सहारा न लें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी करते पाए जाने पर न केवल आर्थिक दंड लगाया जाएगा बल्कि संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं से आग्रह किया गया है कि शुक्रवार को आयोजित विशेष समाधान अभियान का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने लंबित प्रकरणों का निराकरण कराएं। विभाग का मानना है कि एक ओर जहां बिजली चोरी के खिलाफ कठोर कार्रवाई से विद्युत व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर जन विश्वास अभियान के माध्यम से उपभोक्ताओं को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराकर विभाग और जनता के बीच विश्वास को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में भी बिजली चोरी के विरुद्ध नियमित अभियान जारी रहेंगे और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लिए इसी तरह विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-