जबलपुर में नहीं थम रही साइबर ठगी की घटना, 6 लोगों को ठगों ने बनाया निशाना

जबलपुर में नहीं थम रही साइबर ठगी की घटना, 6 लोगों को ठगों ने बनाया निशाना

प्रेषित समय :16:09:47 PM / Mon, Sep 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर। एमपी के जबलपुर में साइबर ठगी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही है। एक बार फिर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ठगों ने अपना निशाना बनाते हुए लाखों रुपए हड़प लिए। पुलिस ने सभी 6 मामलों में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। 
  85 साल के बुजुर्ग को किया डिजिटल अरेस्ट-
 अधारताल क्षेत्र में रहने वाले नरेन्द्र कुमार मिश्रा निवासी हाउसिंग बोर्ड कालोनी को फर्जी विश्वास में लिया और कॉल करके कहा कि उनके रिश्तेदार भोपाल के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें हार्ट अटैक आ गया है। इस खतरनाक झांसे में आकर बुजुर्ग और उनकी पत्नी ने अपने बैंक खाते से कुल 1 लाख 2 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
सब्जी कारोबारी को शिमला मिर्च के बड़े ऑर्डर का दिया झांसा-
शिव नगर निवासी सूर्यकांत पटेल उम्र 31 वर्ष सब्जी बेचने का कारोबार करता है। सूर्यकांत के पास राजेश कुमार नाम के ठग का फोन आया, जिसने 6 टन शिमला मिर्च खरीदने की डील की। वाहन को सागर (रहली) भेजने के बाद ठग ने पेमेंट करने के नाम पर फोनपे पर एक बारकोड भेजा। भोले-भाले व्यापारी ने दो बार में 45,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब वाहन चालक रहली पहुंचा तो वहां कोई फार्महाउस नहीं मिला और ठग ने फोन बंद कर लिया।
जेब में रखा मोबाइल फोन अपने हैंग, खाते से उड़ गए रुपए-
एकता चौक विजय नगर निवासी रोहित मिश्रा का मोबाइल फोन जेब में रखे रखे हैग हो रहा था। मोबाइल की स्क्रीन पर वीवो नाम का एक संदिग्ध ऐप खुला था जिस पर 33 मिनट का टाइमर चल रहा था। कुछ ही देर में ऐप ऑटोमैटिक बंद हुआ और बैंक खाते से 28,399 रुपए कटने का मैसेज आ गया, जबकि उन्होंने कोई लेनदेन नहीं किया था।
लोको पायलट बना डिजिटल लोन का शिकार-
एकता परिसर निवासी दिव्यांश हनोतिया उम्र 26 वर्ष लोको पायलट है। दिव्यांश के पास एक अनजान नंबर से कॉल आया कि उनका 1 लाख का लोन स्वीकृत हुआ है। मना करने के बावजूद उनके फोन पर एक लिंक आई। फोन स्विच ऑफ करने की कोशिश में जैसे ही लिंक पर क्लिक हुआ, उनके इंडियन बैंक खाते से फोनपे के जरिए धरमवीर कुमार नामक यूपीआई आईडी पर 34,679 रुपए ट्रांसफर हो गए। ठगों ने बैंक वेरिफिकेशन के नाम पर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
दोस्त को पैसे भेजने गए युवक के उड़े होश,
घमापुर के लालमाटी क्षेत्र में रहने वाले अभिषेक कुशवाहा का मोबाइल चार्जिंग पर लगा हुआ था, तभी उनके दोस्त राज कुशवाहा ने 100 रुपए ट्रांसफर करने को कहा। जब अभिषेक ने ऐप खोलकर बैलेंस चेक किया तो उनके होश उड़ गए। खाते में सिर्फ 625 रुपए दिख रहे थे, जबकि असल में उनके बैंक खाते में 93,625 रुपए होने चाहिए थे। हिस्ट्री चेक करने पर पता चला कि अज्ञात हैकर्स ने मोबाइल हैक करके उनके खाते से 93,000 रुपए उड़ा लिए हैं।
डॉक्टर की ऑनलाइन पर्ची बुक करना पड़ा भारी- 
सुरेन्द्र कुमार यादव उम्र 50 वर्ष, निवासी बड़ी ओमतीजीसीएफ फैक्ट्री में फिटर के पद पर कार्यरत है, उन्होने स्किन डॉक्टर का नंबर गूगल पर सर्च किया। मिले हुए नंबर पर कॉल करने पर 10 रुपए की ऑनलाइन पर्ची काटने को कहा गया। पेमेंट न पहुंचने का नाटक कर उन्हें ऑफलाइन स्लॉट बुक करने को कहा गया। डॉक्टर के पास पहुंचने पर जब उनका नाम नहीं मिला और उन्होंने दोबारा कॉल किया तो नंबर बंद मिला। इसके बाद उनके मोबाइल पर लगातार मैसेज आए और ऑटोमैटिक प्रक्रिया से नेहल कुमार साव, जागेन्द्र कुमार और रितिक रोशन के खातों में कुल 46,349 रुपए ट्रांसफर हो गए।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-