शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले, जेन-जी के आंदोलन को कुचलने की कोशिश न करें, मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल हटाएं

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले, जेन-जी के आंदोलन को कुचलने की कोशिश न करें, मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल हटाएं

प्रेषित समय :15:15:27 PM / Mon, Sep 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर


जबलपुर। जो लोग खुद को राजनीति का चाणक्य समझते हैं, जो अपने आपको तीसमार खां मानते हैं, उनको हमारी चेतावनी है कि शुद्ध हृदय वाले बच्चों से मत लड़ो। क्योंकि शुद्धता से जब लड़ोगे तो आपकी कोई भी चतुराई काम नहीं आएगी। इसलिए इनको मत सताओ...। यह कहना है शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का।
                                जबलपुर पहुंचे शंकराचार्य ने कहा कि जो सरकार दावा करती थी कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन जेन-जी ने यह करके दिखाया है। इससे पहले बड़े-बड़े घाघ नेता जो नहीं कर पाए, वह जेन-जी ने करके दिखाया है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि जिस तरह एक छोटे बच्चे को कांटा चुभने पर पीड़ा होती है और वह चिल्लाता है, उसी तरह जेनजी भी अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं। उनकी जायज मांगों को तत्काल स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जेन-जी को ज्यादा समय तक आंदोलन में नहीं जाने देना चाहिए, क्योंकि यही पीड़ा आगे बड़ा रूप ले सकती है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव सरकार ने निलंबित कर दिए हैं। इसके चलते नई पीढ़ी राजनीति में आगे नहीं आ पा रही थी। अभी जेन-जी का जो आंदोलन चल रहा है, वह उसी तरह है जैसे जयप्रकाश नारायण का आंदोलन चला था। उस आंदोलन से सैकड़ों नेता सामने आए थे। उसी तरह जेनजी के प्रदर्शन से भी सैकड़ों नेता पैदा हो जाएंगे और पलक झपकते आपको हटा देंगे। उन्होंने कहा कि एक समय जयप्रकाश नारायण का आंदोलन चला था। उस समय जेपी का कोई भी व्यक्ति सत्ता में नहीं था। बाद में उसी आंदोलन से जुड़े लोग केंद्र और राज्य की सत्ता में आए। इसी तरह जेन-जी का आंदोलन भी चल रहा है। अगर इन्हें ज्यादा दिन तक आंदोलन करने दिया गया तो यह आगे के राजनेताओं की खेप तैयार करेगा। अगर इन्हें कुचलने की कोशिश की गई तो इसमें बहुत जल्दी नेता निकलकर आएंगे। इसलिए भला इसी में है कि इनकी मांगों को जल्दी सुनकर आगे बढ़ें।
 मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की-
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह चुनाव प्रक्रिया संचालित हो रही है, उससे लोकतंत्र की रक्षा को लेकर सवाल खड़े होते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके अधीनस्थ दो चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय से कई मुद्दों पर असहमति सामने आती रही है। शंकराचार्य ने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर पहले से उठाए जा रहे सवालों के संबंध में लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाया जाए और लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत नए चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की जाए।
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-