जबलपुर। एमपी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट मृगेंद्र सिंह के वॉट्सएप अकाउंट ब्लॉक किए जाने के मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। वॉट्सएप की ओर से पेश अधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने अदालत को बताया कि मृगेंद्र सिंह का एक नंबर दो दिन पहले ही बहाल कर दिया गया है। जबकि दूसरे नंबर को भी एक-दो दिन में चालू कर दिया जाएगा।
इस जानकारी के बाद जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने याचिका का निराकरण कर दिया। हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वॉट्सएप ने दोनों अकाउंट बंद करने का कारण नहीं बताया और न ही कानूनी नोटिस का जवाब दिया। अधिवक्ता रोहित मिश्रा के मुताबिक, कई महीने तक अकाउंट बंद रहने से मृगेंद्र सिंह अपने पक्षकारों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। इससे उनके पेशेवर कामकाज पर असर पड़ा और लाखों रुपए के नुकसान का दावा है। अब इस मामले में उपभोक्ता फोरम में शिकायत करने की तैयारी है।
पहले नंबर के बाद दूसरा अकाउंट भी कर दिया था ब्लॉक-
याचिका के मुताबिक, मृगेंद्र सिंह लंबे समय से अपने प्राथमिक वॉट्सएप नंबर का इस्तेमाल कानूनी और पेशेवर कामकाज के लिए कर रहे थे। आरोप है कि वॉट्सएप ने बिना पूर्व सूचना और प्रतिबंध का स्पष्ट कारण बताए उनका अकाउंट ब्लॉक कर दिया। याचिकाकर्ता का कहना था कि उन्हें न तो शो-कॉज नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का मौका मिला। वकालत से जुड़े जरूरी संवाद प्रभावित होने के बाद उन्होंने नया सिम लेकर दूसरे नंबर से वॉट्सएप अकाउंट बनाया। याचिका में बताया गया कि 4 अक्टूबर 2026 को इस दूसरे अकाउंट को भी प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके बाद अधिवक्ता घूंचा रसूल के माध्यम से वॉट्सएप के गुरुग्राम स्थित ग्रीवांस ऑफिसर को कानूनी नोटिस भेजा गया।
48 घंटे में बहाली और तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट मांगी थी-
कानूनी नोटिस में 48 घंटे के भीतर दोनों अकाउंट बहाल करने के साथ ही उन्हें ब्लॉक किए जाने से संबंधित तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि नोटिस के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई और अकाउंट बंद करने का कारण भी नहीं बताया गया। याचिका में इस कार्रवाई को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए कहा गया कि बिना कारण बताए और अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना अकाउंट प्रतिबंधित करना उचित नहीं है। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था और निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
वकीलों के पेशेवर संवाद पर असर का दावा-
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता रोहित मिश्रा ने कहा कि मौजूदा समय में वॉट्सएप वकीलों के पेशेवर संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। मुकदमों से संबंधित सूचनाएं, दस्तावेज और मुवक्किलों से जरूरी बातचीत भी इसी के जरिए होती है। ऐसे में अकाउंट अचानक बंद होने से कामकाज प्रभावित होता है। याचिका में अकाउंट ब्लॉक किए जाने के मुद्दे को संविधान के अनुच्छेद 21 और त्वरित न्याय से जुड़े अधिकारों के संदर्भ में भी उठाया गया था। साथ ही, बिना स्पष्ट कारण लगातार अकाउंट प्रतिबंधित होने से पेशेवर प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की आशंका जताई गई थी। वॉट्सएप की ओर से एक अकाउंट बहाल किए जाने और दूसरे को जल्द चालू करने की जानकारी दिए जाने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया। अब याचिकाकर्ता की ओर से अकाउंट बंद रहने से हुए कथित नुकसान को लेकर उपभोक्ता फोरम में शिकायत करने की बात कही गई है।
हाईकोर्ट बार अध्यक्ष मृगेंद्र सिंह का वॉट्सएप अकाउंट होंगे बहाल,याचिका डिस्पोज, नंबर बंद होने से हुई वित्तीय क्षति, उपभोक्ता फोरम में करेंगे शिकायत
प्रेषित समय :17:52:38 PM / Thu, Oct 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर



