नगर प्रतिनिधि ,जबलपुर। खजरी खिरिया बायपास स्थित कबाड़खाने में हुए भीषण विस्फोट के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद शमीम अहमद उर्फ शमीम कबाड़ी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस बार उसकी गिरफ्तारी का मामला कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने से जुड़ा है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने गुरुवार को अधारताल थाना क्षेत्र के आनंद नगर स्थित उसके मूल निवास से उसे गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर आधार कार्ड में गलत जानकारी का इस्तेमाल कर पासपोर्ट बनवाया और उसके जरिए विदेश यात्राएं भी कीं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह किन-किन देशों में गया, विदेश जाने में उसकी मदद किसने की और इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
खजरी खिरिया विस्फोट के बाद से शमीम कबाड़ी का फरार होना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। विस्फोट की गंभीरता और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के कारण यह मामला पहले से ही चर्चा में रहा है। अब फर्जी पहचान संबंधी दस्तावेजों और पासपोर्ट का मामला सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस आरोपी के दस्तावेजों, विदेश यात्राओं और संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है।
नागपुर से दस्तावेज बनवाकर पासपोर्ट हासिल करने का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, शमीम कबाड़ी ने कथित तौर पर नागपुर से आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाया था। आरोप है कि दस्तावेजों में वास्तविक जानकारी के स्थान पर गलत विवरण प्रस्तुत किए गए। हालांकि, दस्तावेज तैयार करने की पूरी प्रक्रिया, इसमें इस्तेमाल किए गए प्रमाणों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पासपोर्ट बनवाने के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था। आवेदन किस माध्यम से किया गया, सत्यापन के दौरान कौन-सी जानकारी सामने आई और संबंधित दस्तावेजों की जांच किस स्तर पर हुई, इन सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। यदि दस्तावेजों में जानबूझकर हेरफेर किए जाने की पुष्टि होती है, तो इसमें सहयोग करने वाले व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
आधार कार्ड में जन्मतिथि और पारिवारिक जानकारी बदलने की आशंका
इस मामले में आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी भी पुलिस की जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपनी जन्मतिथि से संबंधित जानकारी छिपाई या उसमें बदलाव किया था। इसके अलावा, आधार कार्ड में पत्नी और मां के नाम से जुड़े पारिवारिक विवरण में भी कथित तौर पर बदलाव किए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दस्तावेजों में दर्ज जानकारी किस तरह बदली गई और क्या इसके लिए किसी अन्य व्यक्ति या एजेंसी की मदद ली गई थी। आधार कार्ड और पासपोर्ट में दर्ज विवरण का मिलान किया जा सकता है, ताकि वास्तविक पहचान तथा कथित रूप से इस्तेमाल की गई जानकारी के बीच अंतर स्पष्ट हो सके। इस तरह के मामले में दस्तावेजों की प्रामाणिकता, आवेदन के समय प्रस्तुत प्रमाण और सत्यापन प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। पुलिस की जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित गड़बड़ी केवल दस्तावेज तैयार कराने तक सीमित थी या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क भी सक्रिय था।
दुबई कनेक्शन और विदेश यात्राओं की जांच
शमीम कबाड़ी के विदेश जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसके दुबई में रहने की बात सामने आई है। हालांकि, विदेश में उसके ठहरने की अवधि, यात्रा के उद्देश्य और वहां किन लोगों से संपर्क रहे, इसकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनवाए गए पासपोर्ट का इस्तेमाल किन देशों की यात्रा के लिए किया गया। इसके लिए यात्रा से संबंधित रिकॉर्ड, पासपोर्ट में दर्ज विवरण और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि विदेश यात्रा के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान किस रूप में प्रस्तुत की थी।
दुबई कनेक्शन की जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे आरोपी की गतिविधियों और उसके संपर्कों के बारे में जानकारी मिल सकती है। हालांकि, केवल विदेश यात्रा या किसी देश में रहने की जानकारी अपने आप में किसी अन्य अपराध में संलिप्तता साबित नहीं करती। पुलिस को संबंधित तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई करनी होगी।
25 अप्रैल 2024 को हुए विस्फोट के बाद चर्चा में आया था नाम
शमीम कबाड़ी का नाम 25 अप्रैल 2024 को खजरी खिरिया बायपास स्थित उसके कबाड़खाने में हुए भीषण विस्फोट के बाद सामने आया था। इस घटना में दो मजदूरों की मौत हुई थी। विस्फोट इतना गंभीर था कि इसकी जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीमें भी मौके पर पहुंची थीं।
घटना के बाद कबाड़खाने में मौजूद सामग्री और विस्फोट के संभावित कारणों की जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान सेना में इस्तेमाल होने वाले बमों के खोखे और टीएनटी से संबंधित सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई थी। इन तथ्यों के कारण मामले की गंभीरता और बढ़ गई थी। जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की।
विस्फोट में दो लोगों की मौत के बाद यह सवाल भी उठा था कि कबाड़खाने में इस तरह की सामग्री कैसे पहुंची और उसका भंडारण किन परिस्थितियों में किया जा रहा था। इस मामले में सामने आए तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच अलग-अलग पहलुओं से की गई।
फरारी के दौरान पुलिस के लिए चुनौती बना रहा आरोपी
विस्फोट की घटना के बाद शमीम कबाड़ी फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और उस पर इनाम भी घोषित किया था। लंबे समय तक उसकी गिरफ्तारी नहीं होने के कारण मामले में उसकी भूमिका और फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों को लेकर सवाल बने रहे।
अब फर्जी पासपोर्ट से संबंधित मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस को आरोपी से पूछताछ कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने का अवसर मिला है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास करेंगी कि विस्फोट के मामले में फरार रहने के दौरान उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया और क्या कथित रूप से बदले गए दस्तावेजों का उसकी फरारी से कोई संबंध था।
हालांकि, इन दोनों मामलों के बीच सीधा संबंध स्थापित करने के लिए ठोस साक्ष्यों की आवश्यकता होगी। पासपोर्ट संबंधी आरोपों और विस्फोट मामले में उसकी भूमिका का मूल्यांकन संबंधित जांच तथा उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा।
दस्तावेज बनाने वालों की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस की आगे की जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि कथित फर्जी दस्तावेज कहां और किसकी मदद से तैयार किए गए। यदि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर गलत जानकारी के आधार पर दस्तावेज तैयार करने या पासपोर्ट हासिल करने में सहायता की है, तो उसकी भूमिका की भी जांच की जा सकती है। इसके साथ ही दस्तावेजों के सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल भी की जाएगी।
फिलहाल पुलिस का ध्यान आरोपी की पहचान से जुड़े दस्तावेजों, पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया, विदेश यात्राओं और उसके संपर्कों की जानकारी जुटाने पर है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे प्रकरण में कितने लोग शामिल थे और कथित फर्जीवाड़े का दायरा कितना बड़ा है।
खजरी खिरिया विस्फोट मामले में पहले से फरार चल रहे शमीम कबाड़ी की गिरफ्तारी को जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब पुलिस के सामने दो प्रमुख सवाल हैं—कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट कैसे हासिल किया गया और विदेश यात्राओं के दौरान आरोपी की गतिविधियां क्या थीं। इन सवालों के जवाब जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-



