जबलपुर। एमपी के जबलपुर स्थित मझौली क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दिल दहलाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। यहां पर देर रात करीब 1.00 बजे के आसपास जब श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए जा रहे थे, तभी वे अचानक हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए। इस भीषण दुर्घटना में मौके पर ही 2 युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हादसे में 10 से अधिक लोग बुरी तरह झुलस गए हैं, जिन्हें गंभीर हालत में मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में चीख-पुकार, कोहराम और भारी अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
खबर है कि सिविल लाइन पाठ की दुर्गा प्रतिमा को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर नरीली तालाब में विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था। इस धार्मिक यात्रा और विसर्जन जुलूस में 50 से अधिक लोग शामिल थे। जब यह काफिला सिविल लाइन के पास पहुंचा, तो रास्ते में ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को बचाने के लिए एक 440 वोल्ट का तार ऊपर उठाया गया। दुर्भाग्यवश, उठाया गया यह तार ऊपर से गुजर रही एक खतरनाक हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। करंट प्रवाहित होने के बाद तार अचानक टूटकर सीधे ट्रैक्टर-ट्रॉली पर आ गिरा, जिससे वाहन में सवार लोग एक-एक कर इसकी भयंकर चपेट में आ गए। करंट लगते ही मौके पर भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रित किया।
दो युवकों की मौके पर ही मौत, तीसरे ने तोड़ा दम-
इस अप्रत्याशित और खौफनाक हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठे विकास राजपूत (उम्र 22 वर्ष) और प्रिंस चौहान (उम्र 23 वर्ष) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। करंट का झटका इतना तेज था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से झुलसे तीसरे युवक की आज सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना में मयंक राजपूत, विक्की रैकवार, मनीष राजपूत और आयुष रैकवार सहित 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत पहले मझौली स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने-
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि हादसे के तुरंत बाद जब घायलों को मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, तो वहां अस्पताल का स्टाफ नदारद था। आरोप है कि डॉक्टर भी घटना के करीब आधे घंटे बाद अस्पताल पहुंचे, जिसके चलते समय पर इलाज न मिलने के कारण विकास और प्रिंस की तड़प-तड़प कर मौके पर ही जान चली गई।
जबलपुर में दिल दहला देने वाला हादसा, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान गिरी हाईटेंशन लाइन, 3 की मौत, 10 घायल
प्रेषित समय :10:06:36 AM / Thu, Oct 22nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर




