जबलपुर यार्ड में ट्रेन बेपटरी होने के मामले में इंजीनियरिंग, मैकेनिकल विभाग में ठनी, जांच टीम के सामने विवाद

जबलपुर यार्ड में ट्रेन बेपटरी होने के मामले में इंजीनियरिंग, मैकेनिकल विभाग में ठनी, जांच टीम के सामने विवाद

प्रेषित समय :19:01:56 PM / Mon, Jan 17th, 2022

जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेलवे स्टेशन के समीप पिछले सप्ताह 48 घंटे के अंदर दो गाडिय़ों के पटरी से उतरने की घटना की जांच शुरू हो  गई है. इस मामले में इंजीनियरिंग और मैकेनिकल विभाग के बीच ठन गई है और एक-दूसरे विभाग की खामियां गिनाते हुए अपना पल्ला झाडऩे में लगे हैं. इस मामले की पराकाष्ठा रविवार 16 जनवरी को कोचिंग डिपो मेें उस समय हो गई, जब जांच टीम के सामने ही इंजीनियरिंग व मैकेनिकल विभाग के तहत आने वाले सीएंडडबलू स्टाफ के बीच तू-तड़ाक होने लगी और एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ा जाने लगा.

बताया जाता है कि रेल प्रशासन ने दो रेलवे स्टेशन के समीप दो गाडिय़ों के डिरेल होने के मामले की जांच के आदेश दिये हैं और इसके लिए अफसरों की टीम भी गठित की गई है. इस घटना में किस विभाग की लापरवाही है, इसकी जांच के लिए जबलपुर-बांद्रा स्पेशल ट्रेन का जो कोच डिरेल हुआ था, उसे कोचिंग काम्पलेक्स में लाया गया है. बताते हैं कि रविवार 16 जनवरी की दोपहर में जांच के दौरान सीएंडडबलू व इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी, जांच टीम के सामने  मेजरमेंट कर रहे थे और अपना-अपना पक्ष रख रहे थे. बताते हैं कि इंजीनियरिंग विभाग द्वारा अपनी गलती से बचने के लिए कटनी से भी कुछ सीनियर सेक्शन इंजीनियर को बुलाया था, जिसकी भनक लगते ही मैकेनिकल विभाग ने भी सीएंडडबलू के कई एसएसई व तकनीकी स्टाफ को जमा कर लिया. इस दौरान दोनों विभागों द्वारा गाड़ी के पटरी से उतरने के लिए एक दूसरे को जिम्मेवार ठहराया जाने लगा. इस दौरान हंगामा की स्थिति भी बनी  रही. बड़ी संख्या में कर्मचारी घटना को देखते रहे.

एसएसई पीवे पर अफसरों, मजदूर संघ का हाथ

रेलवे में यह चर्चा चल रही है कि यदि यह घटना लोको पायलट व आपरेटिंग विभाग के कर्मचारियों की वजह से होती तो रेल प्रशासन कब का उन्हें सस्पेंड कर देता, किंतु 48 घंटे के अंदर यार्ड में दो गाडिय़ां डिरेल हो गई, जिसकी सीधी जवाबदारी ट्रेक के रखरखाव वाले इंजीनियरिंग विभाग की होती है, उनके स्टाफ पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. बताते हैं कि इसका कारण एसएसई पीवे नार्थ का मजदूर संघ का पदाधिकारी होना व मंडल के इंजीनियरिंग विभाग के अफसरों का चहेता होना है.

यह गाडिय़ां हुई थी बेपटरी

जबलपुर यार्ड में रेलवे स्टेशन के समीप पहली घटना 12 जनवरी बुधवार को उस समय घटित हुई, जब किसान स्पेशल ट्रेन प्लेटफार्म से आगे के लिए रवाना हो रही थी. उस दौरान भी रेल संचालन 2 से 3 घंटे तक बाधित रहा. इस घटना के दो दिन बाद 14 जनवरी शुक्रवार को जबलपुर से बांद्रा के बीच संचालित सुपरफास्ट फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन पटरी से उतर गई. हादसा उस समय हुआ, जब ट्रेन को कोचिंग डिपो से स्टेशन लाया जा रहा था. प्लेटफार्म नंबर तीन के पास ये हादसा हुआ, जिसमें कोच के चार पहिए पटरी से उतर गए. इस घटना के चलते ट्रेन को 5 घंटे री शेड्यूल किया गया था.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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