जबलपुर के विकास को नया आयाम देने परियट नदी पर तैयार होगा आधुनिक फोरलेन पुल 18 माह में जनता को समर्पित करने का लक्ष्य

जबलपुर के विकास को नया आयाम देने परियट नदी पर तैयार होगा आधुनिक फोरलेन पुल 18 माह में जनता को समर्पित करने का लक्ष्य

प्रेषित समय :20:37:15 PM / Mon, Nov 10th, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर: महाकोशल क्षेत्र की हृदय स्थली जबलपुर में लंबे समय से लंबित एक महत्वपूर्ण विकास परियोजना ने अब गति पकड़ ली है, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे को एक नया और आधुनिक स्वरूप मिलने की उम्मीद जगी है। अधारताल से पनागर को जोड़ने वाले अति व्यस्त मार्ग पर परियट नदी पर स्थित सात दशक पुरानी और जीर्ण-शीर्ण पुलिया को तोड़कर, अब उसकी जगह एक अत्याधुनिक और चौड़ा फोरलेन ब्रिज तैयार किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मात्र 18 महीनों के रिकॉर्ड समय में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके बाद यह पुल जबलपुर के नागरिकों को समर्पित कर दिया जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित निर्माण कार्य की शुरुआत शहर के उत्तरी हिस्से में रहने वाली एक बड़ी आबादी के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जो वर्षों से संकीर्ण पुलिया और उसके कारण होने वाले भीषण यातायात जाम से जूझ रही थी।

                                                                               परियट नदी पर स्थित यह पुलिया न केवल अधारताल और पनागर को जोड़ती है, बल्कि यह जबलपुर शहर को कटनी और सतना की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जोड़ती है। वर्षों से, यह पुलिया केवल दो लेन की थी और इसकी डिज़ाइनिंग आज के यातायात घनत्व को संभालने में पूरी तरह से अक्षम थी। हर दिन, खासकर व्यस्ततम घंटों (पीक आवर्स) में, इस पुलिया पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं, जिससे यात्रियों का बहुमूल्य समय बर्बाद होता था और ईंधन की खपत बढ़ती थी। कई बार तो जाम इतना विकराल हो जाता था कि लोगों को पुल पार करने में आधे घंटे से भी अधिक समय लग जाता था। इसके अलावा, पुलिया की पुरानी संरचना और लगातार बढ़ते लोड के कारण इसकी सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ती जा रही थीं। इन सभी समस्याओं को देखते हुए, प्रदेश सरकार ने इस पुलिया के स्थान पर फोरलेन ब्रिज के निर्माण को प्राथमिकता दी, जिसे स्थानीय विधायक और सांसद की लगातार पैरवी के बाद जल्द ही मंज़ूरी मिल गई थी। इस नए फोरलेन ब्रिज की निर्माण लागत ₹15 करोड़ से अधिक आंकी गई है, और इसे आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार डिज़ाइन किया गया है। यह पुल न केवल यातायात के दबाव को सहने में सक्षम होगा, बल्कि इसकी चौड़ाई भी पर्याप्त होगी, जिससे वाहनों का आवागमन सुगम और निर्बाध हो सकेगा। निर्माण कार्य की निगरानी के लिए एक विशेष तकनीकी टीम का गठन किया गया है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों का सख्ती से पालन किया जाए। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि सभी तकनीकी बाधाओं को दूर कर लिया गया है, और निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जा चुका है। 18 माह की समय-सीमा अपने आप में एक चुनौती है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह परियोजना समय पर पूरी होकर ही रहेगी क्योंकि यह जबलपुर के बुनियादी ढांचे के विकास की रीढ़ है। पुल निर्माण के दौरान वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गई है, हालांकि कुछ शुरुआती असुविधाएँ लोगों को हो रही हैं, लेकिन शहरवासियों ने इस दीर्घकालिक लाभ के लिए वर्तमान की असुविधा को सहर्ष स्वीकार किया है।

 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-