जबलपुर। शहर की व्यवस्थाओं को दफ्तरों की फाइलों से निकालकर सीधे मैदान तक ले जाने की पहल अब नगर निगम ने शुरू कर दी है। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि शहर की तस्वीर केवल बैठकों से नहीं, बल्कि अधिकारियों की जमीनी मौजूदगी से बदलेगी। इसी सोच के साथ सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने जलापूर्ति, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अग्निशमन सेवाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सुबह और शाम नियमित रूप से फील्ड में उतरने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान निगमायुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की पहली जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी और सक्रियता से निभानी होगी। उन्होंने कहा कि अब काम का मूल्यांकन केवल फाइलों में दर्ज रिपोर्ट से नहीं, बल्कि शहर में दिखाई देने वाले परिणामों से होगा। अधिकारी जितना अधिक जनता के बीच रहेंगे, समस्याओं का समाधान उतनी ही तेजी और प्रभावशीलता से हो सकेगा।
राम प्रकाश अहिरवार ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी समस्या का समाधान अलग-अलग नहीं, बल्कि टीम भावना से किया जाए। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अग्निशमन जैसी मूलभूत सेवाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। यदि विभाग आपसी तालमेल से कार्य करेंगे तो नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शिकायतों की संख्या भी स्वतः कम होगी। जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि शहर के प्रत्येक वार्ड में शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। किसी भी क्षेत्र से पानी की कमी या आपूर्ति बाधित होने की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करें। उन्होंने कहा कि गर्मी हो या सामान्य दिन, नागरिकों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। सफाई व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वार्डों, मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। कचरे का समय पर उठाव हो तथा कहीं भी गंदगी का अंबार दिखाई न दे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर केवल अभियानों से नहीं, बल्कि प्रतिदिन की जिम्मेदार कार्यप्रणाली से बनता है। शहर की प्रकाश व्यवस्था को लेकर निगमायुक्त ने कहा कि रात के समय किसी भी क्षेत्र में अंधेरा नहीं रहना चाहिए। बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए और उनकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रकाश व्यवस्था नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था के लिए भी आवश्यक है। अग्निशमन सेवाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने फायर ब्रिगेड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी वाहन, उपकरण और कर्मचारी हर समय पूरी तरह तैयार रहें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू हो सके, इसके लिए संसाधनों की नियमित जांच और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। बैठक के अंत में निगमायुक्त ने एक बार फिर दोहराया कि जबलपुर की व्यवस्था में वास्तविक बदलाव तभी दिखाई देगा, जब अधिकारी स्वयं फील्ड में पहुंचकर नागरिकों से संवाद करेंगे, समस्याओं को मौके पर समझेंगे और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों को सुबह और शाम नियमित निरीक्षण करने तथा हर दिन शहर की मूलभूत व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि जबलपुर के नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और भरोसेमंद नगर निगम सेवाएं मिल सकें।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-





