जबलपुर। मध्य प्रदेश सरकार की नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति के विरोध में प्रदेशभर के निजी बस संचालकों ने 7 अगस्त की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। हड़ताल के चलते जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में सैकड़ों बसों का संचालन ठप हो जाएगा। केवल जबलपुर से ही प्रतिदिन संचालित होने वाली 500 से अधिक बसें बंद रहेंगी, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, कटनी, दमोह, सिवनी, नरसिंहपुर, सागर, रीवा, भोपाल, इंदौर सहित अनेक जिलों के लिए बस सेवाएं प्रभावित होंगी।
मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के आह्वान पर की जा रही इस प्रदेशव्यापी हड़ताल की सूचना पहले ही शासन और परिवहन विभाग को दे दी गई थी। बस संचालकों का कहना है कि उन्होंने कई बार सरकार और अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखीं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसके बाद मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया है।
बस संचालकों का आरोप है कि 7 जुलाई 2026 को जारी नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति निजी बस परिवहन व्यवसाय के लिए गंभीर संकट पैदा करेगी। उनका कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से निजी बस संचालकों का कारोबार प्रभावित होगा और इससे हजारों लोगों के रोजगार पर खतरा मंडराने लगेगा। संचालकों का कहना है कि यदि नीति वापस नहीं ली गई तो परिवहन क्षेत्र में व्यापक आर्थिक और सामाजिक असर देखने को मिलेगा।
हड़ताल के कारण जबलपुर सहित पूरे महाकौशल क्षेत्र में यात्री परिवहन व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है। प्रतिदिन बसों से सफर करने वाले विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्री सबसे अधिक प्रभावित होंगे। कई मार्गों पर यात्रियों को निजी वाहनों या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है, जिससे यात्रा खर्च भी बढ़ने की आशंका है।
बस ऑपरेटर एसोसिएशन के सचिव संजय शर्मा ने बताया कि यह हड़ताल नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति के विरोध में की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक बसों का संचालन शुरू नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए बस संचालकों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि कई दौर की बातचीत के बावजूद सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया।
बस संचालकों की प्रमुख मांगों में 7 जुलाई 2026 को जारी नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति को तत्काल वापस लेना, 6 जुलाई 2026 को जारी टेंडर निरस्त करना, डीजल, टायर और स्पेयर पार्ट्स की बढ़ती कीमतों को देखते हुए बस किराए में वृद्धि करना, प्रदेश में तैयार खड़ी लगभग 1200 नई बसों के पंजीयन का मार्ग प्रशस्त करना तथा पहले से पंजीकृत बसों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाना शामिल है। इसके अलावा बसों के लिए 15 वर्ष की आयु सीमा समाप्त कर फिटनेस के आधार पर परमिट जारी करने, परमिट नवीनीकरण, परमिट ट्रांसफर और लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने तथा अंतरराज्यीय मार्गों के परमिटों की स्वीकृति शीघ्र देने की भी मांग की गई है।
प्रदेशव्यापी हड़ताल के मद्देनजर परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है। यदि सरकार और बस संचालकों के बीच जल्द सहमति नहीं बनती, तो आने वाले दिनों में लाखों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर इसका सीधा असर दिखाई देगा।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-




