जबलपुर। एमपी के जबलपुर में एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है। जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मैरिज ऑफिस उस वक्त अखाड़े में तब्दील हो गया, जब एक हिंदू युवती की ईसाई युवक के साथ चुपचाप शादी कराने की सुगबुगाहट बाहर आई। इस खबर के मिलते ही हिंदू संगठनों के नेता पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।
जैसे ही हिंदू धर्म सेना के कार्यकताओं को इस तथाकथित अंतरधार्मिक विवाह की भनक लगी, वे कलेक्ट्रेट के मैरिज ऑफिस जा पहुंचे। वहां का नजारा देख कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। उन्होने वहां हल्ला बोल दिया। देखते ही देखते कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी और हंगामे का ऐसा बवंडर उठा कि प्रशासनिक अमले में भी खलबली मच गई। माहौल इतना गर्मा गया कि किसी भी बड़े अप्रिय घटना की आशंका से वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
पुलिस के पहुंचते ही आया खतरनाक मोड़-
हंगामे की सूचना मिलते ही ओमती थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ के गुस्से से बचाने के नाम पर युवक को अपनी हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठा लिया। पुलिसकर्मी युवक को लेकर थाने के लिए रवाना हुए, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने इस पूरे मामले को एक बेहद खतरनाक और संदिग्ध मोड़ दे दिया। जब आक्रोशित हिंदूवादी कार्यकर्ता न्याय की मांग करते हुए और मामले की सच्चाई जानने ओमती थाने पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। थाने के अंदर वह ईसाई युवक मौजूद ही नहीं था!
रास्ते में छोड़ा या पुलिस ने दी सुरक्षित पनाह-
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने खाकी की गरिमा को तार-तार करते हुए उस युवक को थाने लाने के बजाय बीच रास्ते में ही कहीं सुरक्षित ठिकाने पर उतार दिया और उसे जाने दिया। पुलिस की इस संदिग्ध और लीपापोती वाली कार्यप्रणाली को देख कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ओमती थाने के बाहर कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई। कार्यकर्ता सीधे तौर पर पुलिस पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाते हुए भिड़ गए। उनका साफ कहना था कि आखिर किस दबाव में पुलिस ने आरोपी युवक को बचाया और उसे भगाया।
जबलपुर कलेक्ट्रेट मैरिज ऑफिस में हिंदू युवती-ईसाई युवक की शादी पर भड़के हिंदूवादी नेता, पुलिस की संदिग्ध भूमिका पर सनसनीखेज हंगामा
प्रेषित समय :20:03:31 PM / Wed, Oct 14th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर




