नवरात्र के चंदे को लेकर बवाल, व्यापारी के बेटे से मारपीट और दुकान में तोड़फोड़ का आरोप

नवरात्र के चंदे को लेकर बवाल, व्यापारी के बेटे से मारपीट और दुकान में तोड़फोड़ का आरोप

प्रेषित समय :19:30:04 PM / Thu, Oct 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नगर प्रतिनिधि ,जबलपुर। शहर के नया बाजार क्षेत्र में नवरात्र के दौरान दुर्गोत्सव के चंदे को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। मालवीय चौक स्थित वेलकम फुटवेयर दुकान पर चंदा लेने पहुंचे दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों पर व्यापारी के बेटे के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने के साथ दुकान में तोड़फोड़ करने के आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद व्यापारियों में नाराजगी है। मालवीय चौक व्यापारी संगठन के अध्यक्ष राजेश रोहरा ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द उचित कदम नहीं उठाए तो व्यापारी लार्डगंज थाने का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे।

पीड़ित सागर कुमार ने घटना के संबंध में लार्डगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है। व्यापारी संगठन का दावा है कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और वीडियो भी पुलिस को सौंपे गए हैं। संगठन ने मामले को व्यापारियों पर दबाव बनाने और उनके साथ कथित अभद्रता से जोड़ते हुए कहा है कि धार्मिक आयोजन के लिए चंदा मांगने के नाम पर किसी भी व्यापारी के साथ जबरदस्ती या मारपीट स्वीकार नहीं की जाएगी।

2100 रुपये की रसीद को लेकर शुरू हुआ विवाद
व्यापारी संगठन के अध्यक्ष राजेश रोहरा के अनुसार, दुर्गोत्सव समिति के कुछ सदस्य नया बाजार स्थित वेलकम फुटवेयर दुकान पर चंदा लेने पहुंचे थे। इस दौरान 2100 रुपये की रसीद काटे जाने की बात सामने आई। दुकान पर मौजूद सागर कुमार ने समिति के सदस्यों से कहा कि उनके पिता शाम को मिलेंगे और चंदे के संबंध में उनसे बात कर ली जाए।

आरोप है कि सागर की इस बात को लेकर समिति के सदस्यों के साथ विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया। व्यापारी संगठन का आरोप है कि इसके बाद सागर के साथ मारपीट की गई और दुकान में तोड़फोड़ भी की गई। घटना से संबंधित सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना बाकी है।

चंदे की राशि और भुगतान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब व्यापारियों और दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों के बीच तनाव का कारण बन गया है। व्यापारी संगठन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आयोजनों में सहयोग करना व्यक्तिगत इच्छा का विषय है और इसके लिए किसी पर दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।

सीसीटीवी फुटेज और वीडियो पुलिस को सौंपने का दावा
घटना के बाद मामले में साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। व्यापारी संगठन का कहना है कि दुकान में हुई घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और वीडियो पुलिस को उपलब्ध करा दिए गए हैं। इन फुटेज के जरिए विवाद के दौरान हुई गतिविधियों, संबंधित व्यक्तियों की मौजूदगी और घटनाक्रम की जानकारी सामने आ सकती है।

यदि फुटेज में मारपीट या तोड़फोड़ की पुष्टि होती है, तो पुलिस को घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी मिल सकती है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति की भूमिका और आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकेगा। पुलिस को शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों का परीक्षण करना होगा।

व्यापारी संगठन का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन ने यह भी संकेत दिया है कि व्यापारियों के साथ इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है, ताकि बाजार क्षेत्र में भय या दबाव का माहौल न बने।

व्यापारी संगठन ने कहा चंदे के लिए दबाव स्वीकार नहीं
मालवीय चौक व्यापारी संगठन के अध्यक्ष राजेश रोहरा ने कहा कि व्यापारी अपनी आर्थिक स्थिति और इच्छा के अनुसार धार्मिक आयोजनों में सहयोग करते हैं। चंदा मांगने के नाम पर किसी को अपमानित करना, दबाव बनाना या मारपीट करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, व्यापारी समुदाय सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में सहयोग करता रहा है, लेकिन सहयोग को अनिवार्य बनाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

रोहरा ने आरोप लगाया कि इस मामले में शिकायत किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा और सम्मान से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। संगठन चाहता है कि पुलिस शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच करे तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

व्यापारी संगठन के इस रुख के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। यदि पुलिस की कार्रवाई से संगठन संतुष्ट नहीं हुआ, तो विरोध प्रदर्शन की संभावना बनी हुई है।

दो वर्ष पहले भी विवाद होने का संगठन का दावा
व्यापारी संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों के व्यवहार को लेकर पहले भी आपत्ति जताई जा चुकी है। राजेश रोहरा के मुताबिक, करीब दो वर्ष पहले भी समिति के सदस्यों को व्यापारियों के साथ दबंगई नहीं करने की चेतावनी दी गई थी।

संगठन ने दावा किया कि पूर्व में सुपर मार्केट क्षेत्र के एक व्यापारी के साथ भी विवाद और मारपीट की घटना सामने आई थी। उस मामले में पुलिस द्वारा काउंटर केस दर्ज किए जाने की बात भी कही गई है। हालांकि, पुराने मामले की परिस्थितियों और वर्तमान घटना से उसके संबंध की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

व्यापारी संगठन का कहना है कि यदि पहले की घटनाओं से सबक लिया गया होता, तो इस तरह के विवादों को रोकने में मदद मिल सकती थी। संगठन ने पुलिस से मांग की है कि वर्तमान शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की तह तक पहुंचा जाए और बाजार क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

कार्रवाई नहीं हुई तो लार्डगंज थाने का होगा घेराव
मामले में व्यापारी संगठन ने पुलिस को कार्रवाई के लिए चेतावनी दी है। संगठन के अनुसार, यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी एकजुट होकर लार्डगंज थाने का घेराव करेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस चेतावनी के बाद पुलिस की अगली कार्रवाई पर व्यापारियों की नजरें टिकी हैं।

फिलहाल शिकायत, कथित मारपीट और दुकान में तोड़फोड़ के आरोपों की जांच महत्वपूर्ण है। पुलिस की ओर से उपलब्ध तथ्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच में सीसीटीवी फुटेज की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।

नवरात्र जैसे धार्मिक आयोजन के दौरान चंदे को लेकर उपजा यह विवाद अब कानून-व्यवस्था और व्यापारियों की सुरक्षा से जुड़े सवाल भी खड़े कर रहा है। धार्मिक आयोजनों के लिए सहयोग जुटाने और व्यापारियों की सहमति के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। अब देखना होगा कि पुलिस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और क्या जांच के बाद विवाद का समाधान निकल पाता है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-